एनटीपीसी प्रोजेक्ट के तहत वेलफेयर एसटी हॉस्टल में पहले चरण में ढाई सौ पौधे लगाए गए

भागलपुर। विश्वविद्यालय क्षेत्र स्थित बिहार सरकार के कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय अनुसूचित जनजाति कल्याण छात्रावास संख्या-3 में एनटीपीसी कहलगांव के पर्यावरण संरक्षण प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में परिसर की खाली पड़ी जमीन पर लगभग ढाई सौ छायादार और फलदार पौधे लगाए गए। हॉस्टल परिसर में मोहगिनी, अर्जुन, सागवान, आम, आंवला, अमरूद, जामुन, कदम आदि पौधे रोपे गए।

छात्रावास अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार दिनकर की उपस्थिति में प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं पीजी बॉटनी विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार सिंह ने पहले चरण में लगभग ढाई सौ पौधों का रोपण करवाया। इस मुहिम के तहत लगाए गए पौधों की देखभाल तीन वर्षों तक प्रोजेक्ट ऑफिसर की निगरानी में की जाएगी। समय-समय पर पौधों की सिंचाई, सफाई और देखरेख सुनिश्चित की जाएगी।

पौधरोपण के उपरांत छात्रावास अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार दिनकर और प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. विवेक कुमार सिंह ने बुधवार को हॉस्टल परिसर में बनाए गए प्लांटेशन स्थल का निरीक्षण किया।

छात्रावास अधीक्षक डॉ. दिनकर ने बताया कि ‘हर परिसर – हरा परिसर’ की तर्ज पर हॉस्टल परिसर को विकसित किया जा रहा है। परिसर की खाली पड़ी जमीन पर सघन पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। एनटीपीसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत अब तक परिसर में लगभग ढाई सौ पौधे लगाए जा चुके हैं। दूसरे चरण में और भी पौधे लगाए जाएंगे। ट्राइबल हॉस्टल परिसर में विकसित किए जा रहे इस उद्यान का नामकरण धरती आबा बिरसा मुंडा और तिलकामांझी के नाम पर किया जाएगा।

प्लांटेशन मुहिम में हॉस्टल के छात्रों से भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है। छात्रावास अधीक्षक डॉ. दिनकर ने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इसके संरक्षण के लिए गंभीर और ईमानदार प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हॉस्टल में बर्थडे प्लांट बैंक मुहिम के तहत भी पौधारोपण अभियान जारी है।

इधर एसटी हॉस्टल परिसर में चल रही प्लांटेशन मुहिम की सराहना जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव कुमार रवि ने भी की है। डीडब्ल्यूओ ने छात्रावास अधीक्षक के इस प्रयास को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।

हालांकि इससे पूर्व मां आनंदी संस्थान की ओर से भी हॉस्टल परिसर में दो बार पौधारोपण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक वृक्षारोपण से परिसर में हरियाली बढ़ी है, जिससे छात्रों को स्वच्छ ऑक्सीजन और छांव प्राप्त होगी। यह पौधारोपण मुहिम आगे भी जारी रहेगी, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक बेहतर प्रयास है। हॉस्टल के अधिवासी छात्रों से भी अपील की गई है कि वे परिसर में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

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