ट्राइब्स इंडिया ने होली पर पेश किया जनजातीय उत्पादों की श्रृंखला
नई दिल्ली : होली का त्योहार नजदीक आ रहा है। धीरे-धीरे लोगों में इसका जोश बढ़ने लगा है। त्योहारी मौसम के इस खुशी का जश्न मनाने के लिए ट्राइब्स इंडिया ने एक बार फिर अपने प्रतिष्ठित ग्राहकों के लिए आकर्षक और चमकदार जनजातीय उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की है।
होली को देखते हुए महेश्वरी, चंदेरी, बाग, कांथा, भंडारा, तुसर, संभलपुरी, पोचमपल्ली और इकत जैसी समृद्ध विरासत से संबंधित विभिन्न प्रकार की रंगीन साड़ी, कुर्ता, कपड़े, स्टोल, विभिन्न बुनाई और शैलियों की पोशाक सामग्री ध्यान से बनाई गई हैं।
इसके अलावा विशेष संग्रह में प्राकृतिक, औषधीय उत्पाद जैसे ऑर्गेनिक (जैविक) गुलाल, साबुन, शैंपू और हर्बल तेल पैक आदि हैं। इसमें शर्बत, स्क्वैश, सूखे मेवे जैसे काजू और शहद की किस्में भी हैं। डोकरा शिल्प परंपरा में खूबसूरती से हाथ से बने कटोरे को ग्राहकों का इंतजार है। क्योंकि वे होली से जुड़े सभी जैविक रंगों और पारंपरिक स्नैक्स रखने के लिए इनका उपयोग करते हैं।
जैविक हल्दी, सूखा आंवला, जंगली शहद, काली मिर्च, रागी, त्रिफला और दाल के मिश्रण जैसे मूंग दाल, उड़द की दाल, सफेद बीन्स व दलिया जैसे प्राकृतिक और प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले जनजातीय उत्पादों से लेकर कलाकृतियां जैसे पेंटिंग वार्ली शैली में हों या पटचित्र, डोकरा शैली में हाथ से बने आभूषणों से लेकर उत्तर-पूर्व की वांचो और कोन्याक जनजातियों के मोतियों के हार से लेकर कठपुतली और बच्चों के खिलौने तक, धातु शिल्प से लेकर बांस के उत्पादों की श्रृंखला ट्राइफेड के अनुभव का हिस्सा हैं।

