संसार के सबसे बड़े मार्गदर्शक व मैनेजमेंट गुरु योगेश्वर श्रीकृष्ण हैं
अनूप कुमार सिंह।
भोजपुर(आरा)भोजपुर जिले के चरपोखरी अंतर्गत मंगलवार को श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर मठ सोनबरसा में धूमधाम से भगवान नटखट गोपाल श्रीकृष्ण का छठी हार मनाया गया। गौरतलब हो कि श्रीधाम अयोध्या साकेतपुरी संत निवास के पीठाधीश्वर स्वामी जनार्दनाचार्य जी महाराज व लक्ष्मी नारायण मंदिर तोटद्रि मठ सोनबरसा के पीठाधीश्वर स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज के देखरेख में धूमधाम से संपन्न हुई।इस मौके पर मठिया को दुल्हन की तरह सजाया गया था। छठी हार के मौके पर एक विशाल भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। जिसमें भोजपुरी के एक से बढ़कर एक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित हजारों लोगों का मन मोह लिया।दिलचस्प बात तो यह है कि एक से बढ़कर एक सुंदर भजन की प्रस्तुति दी गई।जिससे रात भर दूर दराज से आए श्रद्धालु झूमते रहे। कार्यक्रम में श्री वृंदावन धाम व श्री अयोध्या धाम से आए हुए संत महात्मा एवं मंदिर के प्रकांड विद्वानों के द्वारा विधिवत रूप से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना की गई।वहीं उसके बाद धूमधाम से उनका छठी हार मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित भोजपुरी के कलाकारों ने इस उत्सव को महोत्सव में बदल दिया।समारोह में उपस्थित महिलाओं ने छठी हार के उपलक्ष में खूब सोहर गया। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।विदित हो कि पिछले 6 दिनों से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से चल रहे इस उत्सव का विधिवत समापन हो गया। इस मौके पर हजारों लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। वही श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज ने कहा कि पिछले कई दिनों से हम लोग भगवान श्री कृष्ण जी के जन्मोत्सव को मना रहे थे। आज वह घड़ी आ गई जिसका सभी लोग इंतजार कर रहे थे। क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण ने धरती पर अवतार लेकर कंस जैसे दुष्ट राक्षश का संघार किया।वहीं इस धरती पर आकर उन्होंने पापियों का विनाश किया। उनके मार्गदर्शन में चलकर हमें मोक्ष की प्राप्ति होगी। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त समस्त मठीया परिवार मठ के महंत स्वामी अशोकानंद जी महाराज, रोहित तिवारी,गोविंद पांडे, गोपी वैदिक, वेंकटेश जी, नीतीश, अनंत वैदिक वैदिक कुरेश समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे। इस आशय की जानकारी लक्ष्मी नारायण मंदिर सोनबरसा के मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी।

