नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी आशाराम को झटका, सजा निलंबन का तीसरा प्रार्थना पत्र भी खारिज
जोधपुर. नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम के सजा निलंबन का तीसरा प्रार्थना पत्र भी खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ में आसाराम की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने पैरवी करते हुए कहा कि अपीलार्थी लगभग 83 वर्ष का वृद्ध है और कई बीमारियों से पीड़ित है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील में आईपीएस अधिकारी अजय पाल लांबा को सीआरपीसी की धारा 391 सीआरपीसी के तहत साक्ष्य दर्ज करवाने के लिए तलब किया था, लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके चलते अपील पर फिलहाल निर्णय की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अपीलार्थी करीब नौ वर्ष और सात महीनों से न्यायिक अभिरक्षा में है। इसे देखते हुए वह जमानत का पात्र है।

