मुरहू प्रखंड में मलेरिया-डेंगू का खतरा बढ़ा,उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने दवा छिड़काव की मांग की
खूंटी : भारी बारिश के बीच मुरहू प्रखंड में मलेरिया, डायरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। प्रखंड उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते छिड़काव की व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ेगा।
उप प्रमुख की नाराज़गी
अरुण कुमार साबू ने कहा कि कई बार जिला उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई।
उनका आरोप है कि प्रखंड और गांवों को बीमारी की ओर धकेला जा रहा है।
उन्होंने सिविल सर्जन से भी आग्रह किया है कि किसी भी हालत में छिड़काव सुनिश्चित कराया जाए।
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी का बयान
डॉ. आशुतोष तिग्गा, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मुरहू ने बताया कि पिछले साल तक राज्य सरकार द्वारा डी.डी.टी. का छिड़काव कराया जाता था।
इस वर्ष डी.डी.टी. की जगह Delta Mathrin 2.5% दवा का छिड़काव करने का आदेश जारी हुआ है।
लेकिन जिला से अब तक कोई दवा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
मलेरिया विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि दवा नहीं मिलने से वे गांवों और कस्बों में छिड़काव करने में असमर्थ हैं।
प्रखंड विकास पदाधिकारी की सख़्ती
प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार ने डॉ. तिग्गा को निर्देश दिया है कि वे संबंधित विभाग से जल्द पत्राचार कर दवा की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि यदि छिड़काव नहीं हुआ तो बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ेगी और पूरा प्रखंड महामारी की चपेट में आ सकता है।
उप प्रमुख की चेतावनी
भारी बारिश के बाद धूप निकलते ही मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
यदि समय पर कदम नहीं उठाए गए तो मुरहू प्रखंड मलेरिया, डायरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की चपेट में आ जाएगा।
इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।



