प्रवासी मजदूर श्रम सम्मान परियोजना से जुड़कर हो रही है आत्मनिर्भर
हजारीबाग बरही प्रखंड के पंचायत रसोइया धमना, गांव पुराहरा की रहने वाली द्वोलती देवी, पति उपेंद्र यादव, ग्रामीण महिला दीदी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। द्वोलती देवी 15/05/2018 में झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत पार्वती आजीविका सखी मंडल में जुड़ी। दीदी के पति प्रवासी मजदूर हैं। श्रम सम्मान परियोजना के तहत इनको सर्वे कर आजीविका से जोड़ा गया।
द्वोलती दीदी ग्राम संगठन समूह और बैंक से 35000 रुपए ऋण ले कर अपना खुद का किराना दुकान चला रही हैं। समूह में जुड़ने से पहले इनकी और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। बीमारी की वजह से वह अपना ठीक से इलाज तक नहीं करा पाती थी। लेकिन आज खुद का दुकान कर 5000 रुपए प्रति माह अर्जित कर रही हैं। द्वोलती देवी आज अपने गांव के और भी दीदी के लिए प्रेरणा स्रोत आवाम गर्व का अनुभव कर रही हैं।
आज दीदी अपने परिवार का सही तरीके से पालन पोषण कर रही हैं। दीदी ने बताया की वह और ऋण ले कर अपने आजीविका को और मजबूत कर रही हैं।

