1500 महिलाओं के सपनों पर पड़ा ताला: 6 करोड़ की ठगी कर फरार हुआ ‘रोज़गार देने वाला सौदागर

भागलपुर। जिले जगदीशपुर प्रखंड के चांदपुर गांव में सपनों को नकद में तौलने वाला एक ‘महानुभाव’ सामने आया है। नाम है आयुष झा। खुद को प्रभावशाली और रसूखदार बताने वाला यह युवक अब पूरे इलाके की 1500 से ज़्यादा महिलाओं का दु:स्वप्न बन चुका है। रोज़गार और जमीन के वादों के झुनझुने में फंसी इन महिलाओं ने 2 से 7 लाख तक का लोन लिया, लेकिन हाथ आया तो सिर्फ़ बैंक का नोटिस और भारी कर्ज़ का बोझ। कुल ठगी करीब 6 करोड़ रुपए!

चांदपुर और आसपास के 15 गांवों में आयुष झा ने एक सुनहरी कहानी बुनी। वह पेट्रोल पंप खोल रहा है, जिसमें हर परिवार के किसी न किसी सदस्य को नौकरी मिलेगी। साथ ही, लोन दिलवाकर महिलाओं को जमीन और रोजगार दोनों मिलेंगे। बैंक और जीविका समूहों के जरिए लोन स्वीकृत भी हो गया। शुरू में कुछ किस्तें उसने खुद भर दीं ताकि विश्वास का ताला मजबूत रहे। पर जब किस्तें बंद हुईं और नोटिस आने लगे तो असलियत का दरवाजा खुल गया।

जब बैंकों से चुकौती के नोटिस महिलाओं के घर पहुंचे, तो सबके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। आरोपी को जब घेरा गया तो उसने बड़े लोगों से संबंध बताकर महिलाओं को डराने की कोशिश की। दबाव बढ़ा तो वह पूरे परिवार समेत गांव से रातों-रात फरार हो गया।

पीड़िता रेशम देवी की आवाज़ में ग़ुस्से से ज़्यादा दर्द है – रेणु देवी के जरिए हमारी पहचान आयुष से हुई थी। बोला था कि लोन दिलवाकर नौकरी और जमीन देगा। हम सबने भरोसा किया, पर अब कर्ज़ हमारे सिर पर है। लक्ष्मी देवी कहती हैं – जब बैंक से नोटिस आया, तब समझ में आया कि ठगी हुई है। अब पति पूछते हैं – पैसा लिया था तुमने, अब भरोगी कैसे?आरोपी के घर के बाहर शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं ने जमकर विरोध किया। बाद में जगदीशपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी गई। थानाध्यक्ष अभय शंकर ने बताया कि महिलाओं का आवेदन मिला है, जांच की जा रही है। आरोपी की तलाश जारी है।चांदपुर की इस ठगी ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रामीण महिलाओं को ‘सपनों के सौदागरों’ से बचाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था है?

क्योंकि जब भरोसा टूटा, तब इन महिलाओं के पास न नौकरी बची, न जमीन, सिर्फ़ कर्ज़ की परतें और टूटा हुआ यकीन।

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