विकास के मोर्चे पर विफल है राज्य सरकार : सुदेश महतो*
रांची। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य की वर्तमान सरकार के पास युवाओं के भविष्य के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो की सरकार विकास की राजनीति नहीं, बल्कि समाज को विभाजित कर वोट बैंक की राजनीति करने में व्यस्त है। हेमंत सरकार विकास के मोर्चे पर विगत 5 वर्षों में विफल साबित हुई है। श्री महतो ने कहा कि झारखंड राज्य आजसू के संघर्ष का परिणाम है। झामुमो–कांग्रेस ने तो झारखंड आंदोलन की सौदेबाजी की।
गोड्डा में आयोजित आजसू पार्टी के प्रमंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में संथाल परगना के 6 सभी जिलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन की शुरुआत आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने दीप प्रज्वलित कर की। सम्मेलन को पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो, मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर, पूर्व आईएएस ब्रजमोहन राम, संजय मेहता, संजीव महतो, खालिद ज़लील, सुजीत मुर्मू, राजा साहनी, चतुरानंद पांडे, आदि नेताओं ने संबोधित किया।
डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि वर्तमान सरकार आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों के विकास को रोकना चाहती है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक न हो सकें। उन्होंने सवाल उठाया, “नौकरियां कब आएंगी? स्कूलों में शिक्षक कब नियुक्त होंगे? गरीबों को आवास कब मिलेगा?” डॉ देवशरण भगत ने कहा कि झामुमो सरकार की प्राथमिकता केवल जातीय और सामाजिक विभाजन पैदा करना है, ताकि सत्ता में बने रहने के लिए वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके। प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि आजसू नहीं होता तो झारखंड राज्य नहीं मिल पाता।

