झारखंड के लोगों को अपमानित कर रही राज्य सरकारः गीता श्री
धनबादः पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव कहा कि राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं में बाहरी भाषा को शामिल कर झारखंडियों को अपमान करने का काम किया है। 21 वर्ष बीत जाने के बाद भी झारखंडियों को अधिकारिक रूप से पहचान नहीं मिली है। इसलिए झारखंडियों को पूर्ण रूप से रोजगार मिलने में दिक्कत हो रही है। खतियान ही झारखंडियों की पहचान है। खतियान के आधार पर स्थानीय नीति बननी चाहिए। खतियानी आधार पर नीति नहीं बनने से यहां के लोगों को हक नहीं मिल रहा है। इसलिए झारखंडी सड़क पर उतर कर अपने हक मांगने में लगे हुए है। वे रविवार को नया मोड़ बिरसा चौक से आयोजित रन फॉर खतियान कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पूर्व में जितने भी राज्य सरकार की गलत नीति बनाई गई है, उस तरह के नीतियों को रद कर झारखंडियों के अधिकार पर नीतियां बनाकर हक-अधिकार दिलाने का काम करें।
पूर्व विधायक अमित महतो ने माटी के पूत्र कहे जाने वाले हेमंत सरकार झारखंडियों के विरोध काम कर रही है। झारखंडियों के हक-अधिकार के लिए नीति बनाने की जरूरत है। इसलिए झारखंडी सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे है। ताकि सरकार झारखंडी के पक्ष में नीति बने। रन फॉर खतियान कार्यक्रम का आरंभ पूर्व विधायक गीताश्री उरांव व अमित महतो ने मशाल जलाकर व दौड़ लगाकर किया।रन फॉर खतियान कार्यक्रम में चास, जैनामोड़, बालीडीह, तुपकाडीह आदि गांवों के युवक शामिल हुए। मौके पर विस्थापित नेता राजेश महतो, सचिन महतो, उमेश महतो, राज कुमार गोराई, विजय घटवार, च्ंचल महतो, प्रमोद महतो, सजल रजवार, जाफर इमाम, दयामय कुमार आदि उपस्थित थे।

