अंबेडकर उन्नत ग्राम में विकास की रफ्तार धीमी,ग्रामीणों में आक्रोश
रांची: झारखंड में एक दर्जन से अंबेडकर उन्नत ग्राम में विकास की रफ्तार धीमी है। संबंधित गांवों में अबतक बोर्ड नहीं लगाया गया है। सबसे बड़ी बात तो यह है की गर्मी के दस्तक देने के साथ ही कई गांवों में पेयजल का संकट होने लगा है। जबकि इस योजना के तहत पेयजल के लिए बोरिंग करना है। ग्रामीणों को पेयजल सुलभ उपलब्ध कराना है। लेकिन अबतक कई गांवों में बोरिंग तक नहीं किया गया है। कही यदि बोरिंग हुआ है तो वहां पर पानी नहीं निकला है। पांच सौ मीटर पीसीसी सड़क का निर्माण भी खटाई में पड़ा हुआ है। हर जगह भ्रष्टाचार का आलम है।
इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार से मिली राशि को अब तक राज्य सरकार खर्च नहीं कर पाई है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति बाहुल गांव में जमीन पर 50 फ़ीसदी से भी काम काम हुआ है। नतीजा यह हुआ कि केंद्र सरकार की ओर से अगले वित्त वर्ष की राशि राज्य सरकार को नहीं दी जा रही है। योजनाओं के प्रावधान के अनुसार जब तक राज्य सरकार केंद्र से पूर्व में मिला बजट की राशि को खर्च नहीं कर देती तब तक केंद्र की तरफ से उक्त योजना के लिए नए वर्ष की राशि नहीं दी जाएगी। झारखंड में इस योजना का क्रियान्वयन कल्याण विभाग के अधीन कार्यरत झारखंड राज्य अनुसूचित जाति साक्षरता निगम के माध्यम से किया जा रहा है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष के लिए राज्य सरकार के 102 अनुसूचित जाति बहुल गांव में विकास के कार्यों के लिए 40 करोड़ 8 लख रुपए का बजट प्रावधान किया गया था। सहकारिता निगम के द्वारा एक गांव की हालात बदलने पर 40 लख रुपए खर्च किए जाने हैं। परंतु राज्य में अभी तक इस राशि की पचास फीसदी भी खर्च नहीं हुई है। डॉ भीमराव अंबेडकर उन्नत ग्राम योजना के अंतर्गत सबसे पहले संबंधित गांव में योजना का साइन बोर्ड लगा जाना है। इसके अलावा योजना अंतर्गत इस गांव में 20 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाते हैं। पीने के पानी की सुविधा दी जाती है और सिंचाई के लिए 8 इंच का डीप बोरिंग की व्यवस्था की जाती। इसके अलावा संबंधित गांव में 500 फीट लंबा पीसीसी पद का निर्माण किया जाना है। झारखंड में 22 जाति समुदाय अनुसूचित जाति की सूची में आती है। इसमें बांतर बौर,भोक्ता,भुइया, चमार,मोची, चौपाल, डावगर, धोबी, डोम, धनगढ़, दुसाध, हर बेहतर, भंगी, कंजर, कोरियर,लालबेगी, मुसहर, नट पानस्वामी, पासी, रजवार और तूरी शामिल है।अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार झारखंड में अनुसूचित जाति के लोगों की जनसंख्या 2001 के 31.89 लाख 2011 की जनगणना में 39.85 लाख आबादी है चतरा में 32.65 फ़ीसदी पलामू में 27.65 गढ़वा में 24.19 लातेहार में 21.31 जाति की आबादी है अनुसूचित जाति की सबसे कम आबादी पाकुड़ में 3.6 दिए गुमला में 3.17 लोहरदगा में 3.32 इसके अलावा काम अनुसूचित जाति वाले जिले खूंटी दुमका रांची सरायकेला खरसावां गोड्डा पूर्वी से पूर्वी पश्चिम,पश्चिमी सिंहभूम,साहेबगंज भी शामिल है।

