सितामनी देवी वैज्ञानिक तकनीक से कर रही तसर की खेती कर
खूंटी: जिले के रनिया प्रखंड अंतर्गत तुम्बुकल गाँव निवासी सितामनी देवी सखी मंडल की मदद से प्रशिक्षण लेकर आज वैज्ञानिक तकनीक से तसर की खेती कर रही हैं।
सभी संसाधन होते हुए भी पूंजी की कमी होने के कारण सितामनी खेती नहीं कर पा रहीं थी. ऐसे में वह लक्ष्मी प्रज्वलित महिला समिति से जुड़ी।
जहाँ उन्हें महिला_किसान_सशक्तिकरण_परियोजना अंतर्गत चलाए जा रहे रेशम_परियोजना के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।
समूह से जुड़ने के बाद महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के माध्यम से रेशम परियोजना में तसर खेती के कार्य के साथ- साथ आजीविका रेशम मित्र का भी कार्य करती है।
तसर खेती साल में दो बार BSR तथा CSR की खेती करती हैं। जिसमें तसर खेती से सालाना आय लगभग 45 हजार से अधिक होती है। साथ ही तसर टेस्टर का भी कार्य करती हैं। तसर परियोजना से सीतामुनि दीदी के सालाना आय 60 से 65 हजार तक की है। जिससे दीदी अपने परिवार की आय तथा बच्चों का पढ़ाई में पूर्ण सहयोग मिल रहा है।
परियोजना के तहत प्रशिक्षण के बाद सितामनी ने समूह से ऋण लेकर तसर की खेती की शुरुआत की।
सितामनी देवी आज महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना की मदद से न केवल तसर की खेती कर रही हैं बल्कि और लोगों को भी प्रेरित कर रही हैं।
सीतामनी देवी बताती हैं कि मैं आजीविका रेशम मित्र के रूप में भी कार्य कर रही हैं। इस परियोजना से जुड़ कर गाँव में मैं तथा और भी दीदी तसर खेती वैज्ञानिक तकनिकी विधि से खेती कर रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहें हैं।

