बैंक-डाकघर में पसरा सन्नाटा , कोल सेक्टर में हड़ताल, झारखंड में भी बंदी का असर
रांचीः श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण के विरोध में मजदूर संगठनों का दो दिनों का देशव्यापी हड़ताल सोमवार सुबह से ही शुरू हो गया है। इस दौरान बैंक, कल-कारखाने, उद्योग धंधे, कोल माइंस, आयरन ओर माइंस में सन्नाटा पसरा है। अगले 48 घंटों के लिए सबकुछ बंद है।
झारखंड में दिख रहा बंदी का असर
झारखंड में दो दिनों की बंदी का खास असर दिख रहा है। कोयला खदानों में माइनिंग और कोयले की लोडिंग नहीं हो रही है। अपनी मांगों के समर्थन में श्रमिक झंडा-बैनर के साथ डटे हैं। इधर बैंकों में भी हड़ताल का असर देखा जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक, एसबीआई को छोड़कर अधिकतर बैंकों में ताले लटक रहे हैं। एचईसी में सिर्फ एक दिन हड़ताल रहेगा। जबकि बीएमएस इस हड़ताल में शामिल नहीं है। यूनियनों ने 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। हड़ताल के कारण देश-प्रदेश के संगठित और असंगठित क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ है। ट्रेन यूनियन के अनुसार करीब 60 लाख कामगारों ने हड़ताल के समर्थन में काम बंद किया है। ये लोग काम नहीं कर रहे। इस हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक शामिल को छोड़कर सभी वाणिज्यिक बैंक, ग्रामीण और सहकारी बैंक, डाक घर शामिल हैं।
कोयले का खनन हुआ प्रभावित
झारखंड के कोल सेक्टर में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। माइंस में कई जगहों पर कोयले का खनन प्रभावित हुआ है। कोयला का उठाव भी नहीं हो रहा है। कामगार अपनी मांगों के समर्थन में झंडा-बैनर के साथ माइंस पर जमे हुए हैं। कोलियरी के अलावा दूसरे माइंस इलाके में भी हड़ताल का आंशिक असर देखा जा रहा है।
इन बैंकों में लटका ताला
बंद में शामिल होने वाले प्रमुख बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में ताला लटक गया है। इस दौरान एटीएम खुले हैं। जबकि बैंकों में चेक क्लियरेंस, कैश जमा एवं निकासी नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों उठानी पड़ रही है। बंद के समर्थन में हड़ताल में शामिल विभिन्न बैंकों के कर्मचारी बैंक शाखाओं के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इससे पहले ट्रेड यूनियनों ने बंद के पूर्व संध्या पर सैनिक मार्केट से अलबर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला। हटिया में भी कामगारों ने मशाल जुलूस निकाल कर अपने शक्ति का प्रदर्शन किया।

