आरआरडीए दुकानदार कल्याण महासंघ की कार्यसमिति का गठन, आनंद कोठारी अध्यक्ष,प्रेम कुमार सिंह उपाध्यक्ष,बुनियादी सुविधाओं की मांग तेज
गणादेश,रांची : राजधानी रांची के विभिन्न मार्केटिंग काम्प्लेक्स के किरायेदारों का महा संगठन आरआरडीए दुकानदार कल्याण महासंघ का गठन गुरुवार 26 सितम्बर को होटल लैंडमार्क में किया गया। इस अवसर पर महासंघ की कार्यसमिति का गठन हुआ और नए पदाधिकारियों का चयन किया गया।
महासंघ से जुड़े पांच प्रमुख मार्केटिंग काम्प्लेक्स – आरआईटी मार्केटिंग काम्प्लेक्स, न्यू डेली मार्केट मेन रोड, न्यू मार्केट रातू रोड, बिरसा बस स्टैंड मार्केट, खादगाढ़ा और कांके न्यू मार्केट – में एक हजार से अधिक व्यापारी अपनी जीविका चलाते हैं। वहीं, इनसे जुड़े लगभग पांच हजार कर्मचारी एवं मजदूरों की रोज़ी-रोटी भी इन्हीं बाजारों पर निर्भर है।
चुने गए पदाधिकारी
• अध्यक्ष – आनंद कोठारी
• वरीय उपाध्यक्ष – प्रेम कुमार सिंह
• उपाध्यक्ष – हाजी मोहम्मद हाशिम, मोहम्मद चांद, अजय खाका, हाजी मोहम्मद बशीर
• महामंत्री – मोहम्मद शमीम
• संयुक्त महामंत्री – इंद्रराज, मोहम्मद इरफान, पंकज कुमार सिंह, अब्दुल कादिर
• मंत्री – मोहम्मद मुस्लिम, बीरेन्द्र सहाय, मोहम्मद तनवीर, नीरज दत्त, बिनोद चौरसिया
• कोषाध्यक्ष – सुमित अग्रवाल
• संयुक्त कोषाध्यक्ष – आकाश कोठारी
बुनियादी सुविधाओं की मांग
बैठक में महासंघ ने आरआरडीए प्रबंधन से तत्काल सार्वजनिक शौचालय, पेयजल की उपलब्धता, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक बिजली आपूर्ति और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं सभी मार्केटिंग काम्प्लेक्स में उपलब्ध कराने की मांग रखी।
साथ ही निर्णय लिया गया कि सभी किराएदार व्यापारी मिलकर अपने-अपने मार्केटिंग काम्प्लेक्स का रंग-रोगन खुद करवाएंगे। इसके लिए आरआरडीए प्रबंधन से सहमति देने की अपील की गई।
विज्ञापन से होगी आय, सफाई-सौंदर्यीकरण में होगा उपयोग
महासंघ ने यह भी प्रस्ताव पारित किया कि उन्हें सभी मार्केटिंग काम्प्लेक्स में कमर्शियल विज्ञापन का अधिकार दिया जाए। विज्ञापन से प्राप्त आय का उपयोग बाजारों की सफाई, रख-रखाव और सौंदर्यीकरण के कार्यों में किया जाएगा।
अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग
बैठक में बिरसा बस स्टैंड मार्केटिंग काम्प्लेक्स की गंभीर समस्या पर भी चर्चा हुई। व्यापारी प्रतिनिधियों ने कहा कि दुकानों के सामने पार्किंग स्थल पर अवैध बस स्टैंड और शेड का निर्माण कर दिया गया है, जिससे दुकानदारों के व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। महासंघ ने मांग की कि इस अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण रोकने की गारंटी दी जाए।



