बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम काटे गए, मृतकों को जोड़ा गया : राजेश कच्छप
राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल होकर बोले – चुनाव आयोग बना भाजपा का एजेंट, नीतीश सरकार के खिलाफ जनता में गुस्सा
रांची : बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप गहराता जा रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर जनता को गोलबंद करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में निकली वोटर अधिकार यात्रा अब धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुकी है।
झारखंड कांग्रेस विधायक दल के उपनेता और खिजरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश कच्छप ने नवादा में इस यात्रा में शिरकत की। वहां उमड़े जनसैलाब को देखकर वे बेहद उत्साहित नज़र आए।
रांची लौटने पर मीडिया से बातचीत करते हुए कच्छप ने चौंकाने वाला दावा किया –
👉 “बिहार में 65 लाख जीवित वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। वहीं जिनका देहांत हो चुका है, उनके नाम लिस्ट में जोड़ दिए गए हैं। यह लोकतंत्र के साथ घोर अन्याय है।”
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
कच्छप ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे चुनाव आयोग निष्पक्ष संस्था न होकर भाजपा के इशारे पर काम कर रही है।
👉 “चुनाव आयोग भाजपा का एजेंट बन चुका है। आयोग का मकसद है कि बिहार में हर हाल में एनडीए सरकार बने। लेकिन इस बार बिहार की जनता सब समझ चुकी है और बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।”
जनता का गुस्सा चरम पर
विधायक ने दावा किया कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार के खिलाफ गहरी नाराज़गी है।
👉 “बिहार की जनता बेहद जागरूक है। अब वे अपने अधिकार से समझौता नहीं करेंगे। जनता ने मन बना लिया है कि नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।”
राहुल गांधी पर भरोसा
राजेश कच्छप ने राहुल गांधी को जनता का असली नेता बताते हुए कहा –
👉 “राहुल गांधी हमेशा जनता के सवालों पर सड़क पर उतरते हैं। एसआईआर का यह मुद्दा भी करोड़ों वोटरों के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा है। राहुल गांधी और पूरा कांग्रेस परिवार जनता का हक दिलाने के लिए संघर्षरत है।”
लोकतंत्र पर खतरे का इशारा
विधायक कच्छप ने कहा कि अगर वोटरों का अधिकार ही छीन लिया गया तो जनप्रतिनिधियों का अस्तित्व बेमानी हो जाएगा।
👉 “लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। अगर जनता का वोटर कार्ड ही रद्द कर दिया जाएगा तो लोकतंत्र की नींव कमजोर हो जाएगी।”



