आदिवासियों की पहचान और सम्मान का सवाल महत्वपूर्ण : बंधु तिर्की
रांची:पूर्व मंत्री, झारखण्ड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि आदिवासियों की पहचान के साथ ही उनके सम्मान का सवाल सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. श्री तिर्की ने कहा कि झारखण्ड में आदिवासियों के सवाल और आदिवासियत के मुद्दे से किसी भी हाल में समझौता नहीं होगा.
अगले 4 फेरवरी को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी एकता महारैली की तैयारी के सिलसिले में मधुकम जतरा मैदान में आयोजित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री तिर्की ने महारैली के प्रचार-प्रसार के लिये पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अनेक निर्देश दिये. आदिवासी एकता महारैली को सफल बनाने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया और अपने-अपने क्षेत्र से अधिकाधिक संख्या में महारैली में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया.
आज की बैठक में पंडरा, बनहोरा, हेसल, हेहल, बजरा, बरियातू, कठरगोदा के प्रमुख लोगों की उपस्थिति रही. बैठक मे मुख्य रूप से बंधु तिर्की, शिवा कच्छप, महादेव टोप्पो, बेलस तिर्की, फ्रांसिस तिर्की, लक्ष्मी नारायण मुंडा, संदीप तिर्की, दिनेश उरांव, ग्राम प्रधान सोमरा उरांव,
सती तिर्की, अनीता उरांव, प्रमिला उरांव, नुरी तिर्की, दीपू सिन्हा, शामेल टोप्पो सहित महत्वपूर्ण पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.

