पीडीजे की अदालत ने धारदार हथियार से सिर काट कर हत्या करने के आरोपी को सुनाई सश्रम आजीवन कारावास की सजा।
सरायकेला। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार की अदालत ने धारदार हथियार से सिर काट कर हत्या करने के मामले पर सुनवाई करते हुए मामले के आरोपी गोपी डांगील उर्फ मोटू को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत द्वारा पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर सुनाए गए फैसले में ₹5000 अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है। अर्थदंड नहीं भुगतान करने की स्थिति में आरोपी गोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। जिले के कुचाई थाना अंतर्गत जिलिंगदा गांव में 25 सितंबर 2015 को रोईबु सोय नामक 55 वर्षीय व्यक्ति की धारदार हथियार से सिर काट कर हत्या की गई थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी द्वारा रोईबु के शव को गांव के स्कूल के बरामदे पर छोड़ दिया गया था। इस मामले में मृतक रोईबु के भाई लंबोरा सोय द्वारा अज्ञात के खिलाफ भादवि की धारा 302 एवं 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराया था।
प्राथमिकी के अनुसार 25 सितंबर 2015 को सुबह 7:00 बजे के आसपास वह गांव में करमा उत्सव के बाद” ईंद डंडा” गाड़ने के लिए खेतों पर गया हुआ था। तभी ग्रामीणों ने उसको सूचना दिया कि गांव के स्कूल के बरामदे में उसका भाई का शव पड़ा हुआ है। उसने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और देखा कि उसका भाई रोईबु सोय का शव पड़ा हुआ है। इसके बाद उसके परिवार वालों को घटना की सूचना दी। इस मामले में 29 सितंबर 2015 को कुचाई थाना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा छानबीन करते हुए उसी गांव के गोपी डांगील उर्फ मोटू को मामले में संलिप्तता पाया गया। इसके बाद गोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

