पासवा ने शिक्षा सचिव को सौपा ज्ञापन,निजी विद्यालयों के लिए जमीन संबंधी बाध्यता कानून को निरस्त करने की रखी मांग
रांची:पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में शिक्षा सचिव के. रवि कुमार से मुलाकात किया एवं निजी विद्यालयों के लिए जमीन संबंधी बाध्यता कानून को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग रखी एवं ज्ञापन सौंपा। पासवा सदस्यों ने सुझाव दिया है कि भवन की संरचना के आधार पर विद्यालयों को आरटीई के तहत मान्यता प्रदान कर दिया जाए, साथ ही सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट के तहत 5 वर्षों के लिए जो लीज का प्रावधान है उस पर भी विचार किया जाए। आलोक दूबे ने कहा देश में जब एक कानून और एक व्यवस्था है तो फिर झारखण्ड में आरटीई कानून में संशोधन स्वीकार नहीं होगा। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने जान बूझकर बड़े उद्योगपतियों एवं कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आरटीई कानून में संशोधन किया ताकि ग्रामीण इलाका शिक्षा से वंचित रह जाये। उन्होंने उम्मीद जताई है कि वर्तमान सरकार इसपर ध्यान देगी।
शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने आश्वासन दिया कि जमीन संबंधी बाध्यता की सीमाएं एवं क्षेत्रफल कम किए जाने की संभावना है। कैबिनेट मीटिंग में सी.एन.टी एक्ट और एसपीटी एक्ट के लिए संशोधन कर दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पासवा उपाध्यक्ष अरविंद कुमार,महानगर अध्यक्ष डॉ सुषमा केरकेट्टा, संजय कुमार, मुजाहिदुल इस्लाम, आलोक विपिन टोप्पो, पासवा जिला महासचिव, राशिद अंसारी सुभोजित अधिकारी, कैलाश कुमार, मुकेश सिंह उपस्थित थे।

