झारखंड में संगठित बाल अपहरण गिरोह का पर्दाफाश, 15 गिरफ्तार, 12 बच्चे बरामद,एसएसपी ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी

रांची: झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदासा मिश्रा के निर्देशन में झारखंड पुलिस ने संगठित बाल अपहरण गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। जगरनाथपुर मौसीबाड़ी से अपहृत बालक अंश कुमार एवं अंशिका कुमारी की सकुशल बरामदगी के बाद हुए अनुसंधान में यह खुलासा हुआ है। रविवार को रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने धुर्वा थाना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में वर्षों से एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जो मासूम बच्चों का अपहरण कर उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में छिपाकर रखता था।
धुर्वा थाना कांड संख्या 01/26 के तहत गठित विशेष जांच दल ने रामगढ़, रांची और लातेहार सहित राज्य के कई हिस्सों में छापेमारी कर अब तक 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि गिरोह के पुरुष और महिला सदस्य झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा जैसे सीमावर्ती राज्यों में भी सक्रिय रहे हैं। अपहृत बच्चों को भीख मंगवाने, बेचने, देह व्यापार और तस्करी जैसे अवैध कार्यों में इस्तेमाल किया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की स्वीकारोक्ति के आधार पर सिल्ली (रांची), कोठार (रामगढ़) और बरियातू (लातेहार) से अब तक 12 बच्चों की बरामदगी की गई है। इनमें कुछ बच्चे दो से तीन वर्ष पूर्व अपहृत किए गए थे—किसी को रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड से, किसी को सम्बलपुर रेलवे स्टेशन से, तो किसी को धनबाद और लोहरदगा से उठाया गया था। कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिला एवं बंगाल में बेचे जाने की भी जानकारी सामने आई है। अन्य बच्चों का सत्यापन जारी है।
एसआईटी द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह से जुड़े और भी सदस्य सक्रिय हैं तथा अन्य बच्चों की बरामदगी संभव है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि मासूमों को सुरक्षित जीवन मिल सके।

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