बालिकाओं में नेतृत्व विकास के लिए एक दिवसीय लेखन कार्यशाला का आयोजन
रांची:समाज में व्याप्त बाल विवाह, घरेलू हिंसा एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लड़ने के लिए बालिकाओं को नेतृत्व क्षमता से सशक्त करने के उद्देश्य से शुक्रवार को लोक स्वर संस्था एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड के संयुक्त प्रयास से लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला लोक स्वर कार्यालय धुर्वा में आयोजित की गई, जिसमें खूंटी जिला के गुटजोरा एवं पुड्डी पंचायत के 10 गांवों की 35 बालिका नेताओं ने भाग लिया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में लेखन कौशल का विकास करना और उनके जीवन तथा गांवों में परियोजना के प्रभाव से आए सकारात्मक बदलावों और सफलताओं को कहानी के रूप में व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला में लोक स्वर संस्था की सचिव शालिनी समवेदना, परियोजना समन्वयक गुंजन बेदिया, संस्था के कॉर्डिनेटर प्रिंस कुणाल तथा फील्ड टीम के सदस्य सुमन और सनीचरिया उपस्थित रहे। इन्होंने बालिकाओं को कहानी लेखन के बुनियादी पहलुओं, अनुभव साझा करने की कला तथा सामाजिक परिवर्तन की अभिव्यक्ति के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी बालिकाओं ने अपने जीवन में आए परिवर्तनों को साझा किया — किस प्रकार इस परियोजना से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व और अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास हुआ है। कई बालिकाओं ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने गांवों में बाल विवाह जैसे मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई और समुदाय में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
लोक स्वर एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड द्वारा संचालित यह परियोजना खूंटी प्रखंड के 10 गांवों में कार्यरत है, जिसका उद्देश्य किशोरियों में नेतृत्व कौशल का विकास कर उन्हें अपने अधिकारों के लिए जागरूक और संघर्षशील बनाना है।
इस अवसर पर बालिका नेताओं ने संकल्प लिया कि वे अपने गांवों में अन्य लड़कियों को भी प्रेरित करेंगी और समाज में व्याप्त नकारात्मक सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देंगी।




