महाअष्टमी पर कन्या पूजा, शक्ति स्वरूपा बेटियों से लिया भक्तों ने आशीर्वाद
गणादेश रिपोर्टर
रांची : दुर्गा पूजा की धुन में पूरा रांची शहर डूब चुका है। सोमवार को महा अष्टमी के पूजा के साथ शहर के विभिन्न पंडालों में कन्या पूजा की गई। दुर्गा बाटी, हरीमती मंदिर, देशप्रिया क्लब में बांग्ला विधि से पूजा अर्चना की गई। यहां नौ कन्याओं की पूजा की गई। जिसमें 9 कुमारी कन्याओं को बिठाकर पूरे विधि विधान के साथ पूजा की गई। इसके बाद उन्हें भोजन कराया गया।
वहीं महा अष्टमी के दिन सुहागिनों ने मां के दरबार में गोईछा भरकर अक्षय सुहाग एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने माता को सिंगार वस्तु भेंट की। मिष्ठान का भोग लगाया। इसके अलावा संधी पूजा की गई। कुमारी कन्याओं को भोजन कराकर उनसे आशीर्वाद लिया गया। जगह-जगह पर प्रसाद बांटे गए। राजधानी रांची के अधिकांश मंदिरों व सभी पंडालों में कुंवारी पूजन पारंपरिक और वैदिक रूप से अर्चकों ने संपन्न कराया। माताओं ने खोईछा भरकर अष्टमी को मां दुर्गा के अष्टम रूप महागौरी की पूजा अर्चना की। मंदिर, पंडालों से लेकर घर-घर में कुंवारी कन्याओं का पूजन से पूरा वातावरण मातृमय हो उठा। छोटे-छोटे कन्याओं का श्रृंगार कर उनकी पूजा से पूरे वातावरण में एक अलग सा सुगंध तैर रहा था। जो लोग उन स्थानों पर थे, इसकी अनुभूति कर सके। वहीं, सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर माता के दरबार पहुंची। अखंड सुहाग और सुखमय जीवन के लिए माता के दरबार में खोईंछा भरी। खोईंछा भरने के लिए सुबह से ही पंडाल व माता मंदिरों में भीड़ लगी रही।
इधर घरों में भी नियमित पूजा के बाद कुमारी कन्याओं का भोजन कराया गया। कल माता के नौवें रूप की पूजा होगी। इसके बाद बुधवार को धूमधाम से दशहरा मनाया जाएगा। रावण दहन किया जाएगा। इसके अगले दिन मां की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
संधि बलि देकर मां से की गई कामना। रांची के कई पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना के साथ भतुआ, खीरा, कतारी, कोहड़ा आदि फलों के संधि बलि देकर मां से सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं अपने पारंपारिक परिधान में मां दुर्गा की पूजा अर्चना में पहुंची।

