प्रयागराज सैन्य स्टेशन में उत्तरी कमान अलंकरण समरोह का आयोजन
दिनेश ठाकुर
प्रयागराज : भारतीय सेना की उत्तरी कमान ने रेड ईगल डिवीजन के तत्वाधान में 21 मार्च को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज सैन्य स्टेशन में आयोजित एक भव्य अलंकरण समारोह में अपने वीर और प्रतिष्ठित सैनिकों और यूनिटों को सम्मानित किया। सभी पुरस्कार विजेताओं को उनकी असाधारण बहादुरी, कर्तव्य के प्रति सराहनीय समर्पण और राष्ट्र के प्रति विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया । उत्तरी कमान भारतीय सेना की सबसे सक्रिय कमान है तथा अपनी सबसे गंभीर चुनौतियों और आतंकवाद के संकट का मुकाबला करने के प्रयासों में सबसे आगे है। इस प्रकार, उत्तरी कमान के सैनिक हमेशा चाहे आधिकारिक तौर पर शांति में हो या ऑपरेशन में सक्रिय रहते हैं और पूर्ण रूप से उत्तरी कमान के आदर्श वाक्य “हमेशा युद्ध में” का प्रतिनिधित्व करते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचिन्द्र कुमार,पीवीएसएम,एवीएसएम,वाईएसएम बार,वीएसएम,जनरल ऑफिसर कमांडिंग -इन -चीफ उत्तरी कमान ने भारतीय सेना के अधिकारियों और सैनिकों को उनके निश्वार्थ कर्तव्य परायणता से परे उनकी बहादुरी के लिए वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों से सम्मानित किया।यूनिटों को राष्ट्र की विशिष्ट सेवा, बहादुरी एवं उनकी असाधारण कार्य और अद्वितीय उपलब्धियों के लिए जीओसी-इन-सी यूनिट प्रशंसा पत्र भी प्रदान किये । समारोह के दौरान वीरता के लिए 45 सेना मैडल, विशिष्ट सेवा के लिए तीन सेना मैडल , एक युद्ध सेवा मैडल और 09 विशिष्ट सेवा मैडल सहित 58 पुरस्कार विजेताओं को मैडल प्रदान किए । इसके अलावा 64 यूनिटों को यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया । इस कार्यक्रम के दौरान जब प्रत्येक वीर सैनिक की अदम्य वीरता और अटूट साहस के बारे में पढ़ा गया,तो उपस्थित सभी लोगों का दिल गर्व और कृतज्ञता से भर गया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर,उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और सभी रैंकों को सभी क्षेत्रों में अपना सर्वश्रेष्ठ करने और भारतीय सेना की उच्च परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने पुरस्कार विजेता सेवा कर्मियों को उनके कर्तव्यों के पालन में भरपूर समर्थन देने के लिए उनके परिवार के सभी सदस्यों के योगदान को सराहा। उन्होंने उपस्थित सभी पदों,पूर्व सैनिक कर्मियों और उनके परिवार जनों से राष्ट्र की सेवा में खुद को फिर से समर्पित करने को कहा । सेना कमांडर ने बाद में पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत की और भारतीय सेना की उच्चतम परंपराओं को बनाए रखने में उनके अभूतपूर्व योगदान को स्वीकार किया।
इस समारोह में बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी, देश के गणमान्य नागरिक और पुरस्कार विजेताओं के गौरवान्वित परिवार शामिल हुए । मुख्यतः, राष्ट्र और विशेष रूप से भारतीय सेना अपने बहादुर सैनिकों का सम्मान और उनकी देखभाल करने में कभी असफल नहीं होती है और इस समारोह में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से इस अवधारणा को इसी भावना के साथ प्रदर्शित किया गया था।

