भागलपुर की सभी सात सीटों पर एनडीए ने फहराया परचम, अजीत ‘चौका’ से चूक गए, बुलो, मुरारी, शुभानंद, प्रो ललित की बड़ी जीत

भागलपुर। चुनावी मौसम में बिहार की राजनीति ने कई करवटें बदलीं, कई दिग्गज गिरे और कई नए चेहरे चमककर उभरे, लेकिन अंतिम तस्वीर में जो साफ दिखाई दिया, वह था एनडीए का बेजोड़ प्रदर्शन। जिले की सातों विधानसभा सीटों पर एनडीए ने कब्जा जमाकर एक बार फिर अपनी संगठनात्मक मजबूती साबित कर दी।

इस चुनाव में भाजपा को तीन, जेडीयू को तीन और एलजेपी (आर) को एक सीट मिली। दिलचस्प बात यह रही कि जिले में दो बड़ी बागी हस्तियां गोपाल मंडल (गोपालपुर) और पवन यादव (कहलगांव) दोनों ही तीसरे स्थान पर सिमटकर रह गए। गोपाल को 12,686 और पवन को 10,255 मत मिले।

गंगा पार से बुलो मंडल की इतिहास रचने वाली जीत

गंगा पार के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार मतदाताओं ने रिकॉर्ड उत्साह दिखाया। इसी उत्साह की लहर पर सवार होकर जेडीयू प्रत्याशी बुलो मंडल ने 58,135 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की, जो जिले में इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत अंतर रहा। यह सीट इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि जेडीयू ने अपने सिटिंग विधायक गोपाल मंडल का टिकट काटकर बुलो को मैदान में उतारा था। गोपाल मंडल ने बागी होकर चुनाव लड़ा, लेकिन वे सिर्फ तीसरे स्थान (12,686 वोट) पर रह गए।

कहलगांव: शुभानंद की बड़ी जीत, बागी पवन यादव तीसरे स्थान पर

कहलगांव में जेडीयू से शुभानंद मुकेश, आरजेडी से रजनीश यादव और कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा चुनाव मैदान में थे। शुभानंद ने बड़ी जीत (50,112 वोट) दर्ज की। इस सीट से ही सांसद के भाई अनुज मंडल ने निर्दलीय रूप से किस्मत आजमाई, पर वे सिर्फ 931 वोट ही जुटा सके, जो नोटा (3249 वोट) से भी कम था। वहीं, सिटिंग विधायक पवन यादव बागी बनकर उतरे थे, उन्हें सिर्फ 10,244 वोट मिले और वे भी तीसरे स्थान पर रहे। दिलचस्प संयोग यह रहा कि गोपालपुर में बागी गोपाल मंडल (जेडीयू) और कहलगांव में बागी पवन यादव (भाजपा) दोनों ही तीसरे स्थान पर रहे। गोपाल को 12,686 और पवन को 10,083 वोट मिले।

भागलपुर सदर: रोहित पांडे ने कांग्रेस को रोका ‘चौका’ लगाने से

जिले की सबसे करीबी लड़ाई भागलपुर सदर सीट पर देखने को मिली। यहां भाजपा प्रत्याशी रोहित पांडे ने कांग्रेस उम्मीदवार को 13,474 वोट से हराया। कांग्रेस पूरे दम-खम से मैदान में थी, लेकिन रोहित पांडे ने जीत का झंडा फहराकर कांग्रेस के सिटिंग विधायक अजीत शर्मा को चुनावी ‘चौका’ जड़ने से रोक दिया। जिले में सबसे कम वोटों से जीत रोहित की ही हुई। मालूम हो कि इस विधानसभा क्षेत्र में इस बार सबसे कम मतदान का रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ।

नाथनगर: एलजेपी (आर) के मिथुन यादव का दमदार प्रदर्शन

नाथनगर की लड़ाई में एलजेपी (रामविलास) ने अपना प्रभाव दिखाते हुए मिथुन यादव को भारी बहुमत के साथ विजयी बनाया। उन्होंने आरजेडी के जेड हसन को 25,425 वोटों के अंतर से मात दी। यह आरजेडी की सिटिंग सीट थी। इस बार सिटिंग विधायक का टिकट काटकर जेड हसन को मैदान में उतारा गया था।

पीरपैंती: नए चेहरे मुरारी पासवान की बड़ी जीत

भाजपा ने इस बार पीरपैंती में बड़ा दांव खेलते हुए सिटिंग विधायक ललन पासवान का टिकट काटकर स्थानीय साधारण सा चेहरा मुरारी पासवान को मौका दिया और यह दांव जमकर चला। मुरारी पासवान ने आरजेडी के रामविलास पासवान को 53,107 वोटों से हराकर सबको चौंका दिया। यह जीत भी ऐतिहासिक रही।

सुल्तानगंज: प्रो. ललित मंडल की सधी हुई जीत

सुल्तानगंज में जेडीयू के सिटिंग विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने अपनी पकड़ बनाए रखते हुए 31,136 वोटों से शानदार जीत दर्ज की। यहां मुकाबला भले एकतरफा रहा, लेकिन जीत ने ललित मंडल की राजनीतिक जमीन और भी मजबूत कर दी। महागठबंधन के दो प्रमुख चेहरे आरजेडी और कांग्रेस फ्रेंडली मैच खेल रहे थे।

बिहपुर: अजय मंडल की भांजी अर्पणा मैदान में, पर जीत शैलेन्द्र के नाम

बिहपुर में मुकाबला दिलचस्प था। सांसद अजय मंडल की भांजी अर्पणा कुमारी चुनावी मैदान में थीं। लेकिन भाजपा के सिटिंग विधायक कुमार शैलेन्द्र ने 30,025 वोट के अंतर से जीत दर्ज कर अपनी सीट सुरक्षित रखी।

एनडीए का अभूतपूर्व प्रदर्शन

इस चुनाव में शुभानंद, मुरारी, बुलो, शैलेन्द्र, प्रो. ललित, मिथुन और रोहित सभी एनडीए प्रत्याशियों ने जीत की झड़ी लगाकर एकतरफा कमाल किया।
भागलपुर की राजनीति में यह चुनाव एनडीए की अभूतपूर्व एकजुटता और विपक्ष की कमजोर रणनीति के रूप में याद किया जाएगा।

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