दीपक कुमार यादव उर्फ कारू यादव पर झारखंड में 60 से अधिक मामला दर्ज
विगत 17 वर्षो से झारखण्ड के हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, बोकारों, लातेहार एंव बिहार के गया जिले के विभिन्न जिलों में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भा०क०पा माओवादी के सबसे महत्वपूर्ण तथा सकिय कमांडर दीपक यादव उर्फ कारू यादव ना केवल पुलिस के लिए बल्कि समाज व सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए बाधक बना हुए था।आपको बताते चले की हजारीबाग जिला के कटकमसांडी थाना क्षेत्र के दौड़वा (आराभूसाही) गाँव के रहने वाले दीपक यादव उर्फ कारू यादव वर्ष 2004-05 में जमीन विवाद के कारण प्रतिबंधित संगठन भा ०क०पा० माओवादी से जुड गया। इसके द्वारा 17 वर्षों से कई हत्याएँ, धमकी लेवी वसूलने के साथ-साथ पुलिस के साथ मुठभेड की घटना को अंजाम दिया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण लातेहार के कटिया जंगल में जनवरी 2013 में पुलिस मुठभेड में इसकी दुर्दान्त रवैये के कारण 06: पुलिस जवान शहीद हुए थे। इसी मुठभेड़ में 02 शहीद जवान के पेट चीरकर बम / विस्फोटक लगाकर 04 अन्य को मारा गया था। इसके द्वारा वर्ष 2020-2021 में एक महीने के अन्दर ही मयूरखंड, सिमिरिया एवं पत्थलगडा थाना क्षेत्र के 03 पुलिस मुखबीरों की निर्मम हत्या की गई थी। वर्ष 2007 में गिरिडीह में होमगार्ड शस्त्रागार से एवं वर्ष 2006 में खासमहल बोकारो कैम्प में हमला कर हथियार लुटने के आलावे दर्जनों हत्या, लेवी वसुली, आर्म्स एक्ट, पुलिस मुठभेड, आगजनी, आई०ई०डी० विस्फोट के कारण दीपक यादव उर्फ कारू यादव पर विभिन्न जिलों में करीब 60 से अधिक जघन्य मामले दर्ज है।

