नपं क्षेत्र में सड़क निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भड़के विधायक शुभानंद, जेई व साइट इंचार्ज तलब
भागलपुर। जिले के कहलगांव नगर पंचायत क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से करीब दर्जन भर मुख्य सड़कों के निर्माण की घटिया गुणवत्ता को लेकर महीनों से उठ रही जनता की आवाज़ आखिरकार विधायक शुभानंद मुकेश तक पहुंच गई। शिकायतें सुनते ही मामला गरमा गया। विधायक का पारा इतना चढ़ा कि उन्होंने निर्माण कार्य में लगी ठेका कंपनी के जेई और साइट इंचार्ज को तुरंत तलब कर जमकर फटकार लगाई। शिकायत थी कि बनने के महज एक माह बाद ही सड़कों की सीमेंट, बालू, गिट्टी छोड़ने यानी उड़ने लगी है। सड़क के किनारे हिस्से की मोटाई तो ठीक है, लेकिन बीच की मोटाई में झोल देखा जा रहा है। हाथी गेट के सामने निर्मित सड़क दूसरे ही दिन से कुरूप दिखने लगी।
विधायक मुकेश ने दो-टूक चेतावनी दी – ‘जनता की गाढ़ी कमाई से सड़कें बन रही हैं, मज़ाक नहीं! सीमेंट – बालू – गिट्टी का सही मिश्रण कर निर्माण करो, वरना कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहो।’ स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण शुरू होते ही गिट्टी के साथ सीमेंट का गुबार उड़ने लगा, जो साफ संकेत था कि निर्माण में अनियमितता और घटिया सामग्री का बेरोकटोक इस्तेमाल हो रहा है। इस पर नाराज़गी जताते हुए विधायक ने कहा – ‘कुछ दिन भी नहीं टिक रही सड़कें, यह साफ बताता है कि काम में खुली लापरवाही बरती जा रही है। पहली बारिश भी नहीं झेल पाएंगी ऐसी सड़कें।’ विधायक मुकेश ने बुडको के अधिकारियों से बात कर निर्माण में चल रही गड़बड़ियों की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने भी निर्माण एजेंसी को फटकार लगाई और साफ निर्देश दिया कि काम की गुणवत्ता से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आधी रात में होता रहा निर्माण, छिपाई जाती रही प्रक्रिया
नगर पंचायत क्षेत्र की करीब आधा दर्जन मुख्य सड़कों का निर्माण विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही जारी है। लेकिन काम करने का तरीका देखकर लोग भी दांतों तले उंगली दबाए हुए थे।निर्माण आधी रात के बाद शुरू होता। सीमेंट – बालू – गिट्टी का मिश्रण साइट पर न बनाकर किसी सुनसान जगह में तैयार किया जाता। मोहल्ले वाले जब गहरी नींद में होते, तभी फटाफट निर्माण शुरू कर दिया जाता और भोर होने से पहले काम समेट लिया जाता। ऐसी ही शिकायतें स्थानीय लोगों ने की हैं। कई बार आधी रात को शोर होने पर लोगों ने घटिया निर्माण का विरोध भी किया। पार्क चौक से पठानपुरा मोहल्ले तक निर्माणाधीन सड़क को गुरुवार को लोगों ने रोक भी दिया। इसके बाद लोगों ने स्थानीय विधायक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।स्थानीय लोगों की शिकायत के बावजूद साइट इंचार्ज अनसुना करते रहे। ऊपर से, निर्माण के बाद सड़कों पर चट यानी बोरी बिछाने और निर्धारित अवधि तक पानी का नियमित छिड़काव भी नहीं किया गया, जबकि यह सड़क की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक है।
एक्सपर्ट का दावा – ऐसी सड़कें सालभर भी नहीं टिकेंगी
विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरीके से निर्माण कराया गया है, सड़कों की उम्र एक साल भी नहीं बचेगी। सीमेंट की सतह ठीक से सेट नहीं हो पाई है और पानी का छिड़काव न होने से सड़क की मजबूती पहले ही दिन से संदिग्ध हो गई है। पहली बारिश भी यह सड़क नहीं झेल पाएगी।



