नीलांबर पीतांबर के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता : मंत्री

लातेहार : नीलांबर पीतांबर के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता है। उन्होंने देश की आजादी एवं अंग्रेजों का शोषण समाप्‍त करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। शुक्रवार को एनएच-75 पर जोगनाटांड़ ग्राम में स्‍थापित नीलांबर-पीतांबर स्‍मारक स्‍थल पर अखिल झारखंड खरवार आदिवासी विकास परिषद अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर का 166 वां शहादत दिवस कार्यक्रम के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि जीवन भर उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लोगों को एकजुट किया। कभी अंग्रेजों की दासता स्‍वीकार नहीं की। यही कारण है कि अंग्रेजों ने उन्‍हें छल से पकड़ कर फांसी दे दी। वहीं पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई व जिला 20 सूत्री उपाध्‍यक्ष अरूण कुमार दुबे मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ बैगा दशरथ सिंह के द्वारा पूजा अर्चना से की गई। इसके बाद शहीद नीलांबर पीतांबर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। माल्यार्पण के बाद अतिथियों ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर ने देश की आजादी में अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। दोनों भाइयों ने अंग्रेजों से लोहा लेने का कार्य किया है। पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने कहा कि शहीद नीलांबर पीतांबर एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी थी और कई बार जेल भी गए थे।आईटीडीए निदेशक प्रवीण गगराई ने कहा कि नीलांबर पीतांबर की सबसे बड़ी विशेषता उनकी बहादुरी और निष्ठा थी। उन्होंने कभी भी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया और हमेशा देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ते रहे। इस मौके पर जिला 20 सूत्री उपाध्‍यक्ष अरूण कुमार दुबे, एसडीओ अजय रजक, जिला कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव, विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, महावीर सिंह व रामदेव सिंह समेत काफी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे।

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