विद्यालयों में बाल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर जोर,स्टेट लेवल चाइल्ड सेफ्टी कार्यक्रम में शामिल हुईं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
गणादेश,रांची: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, रांची में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह प्रतिज्ञा द्वारा आयोजित स्टेट लेवल कंसोलिडेशन ऑन चाइल्ड सेफ्टी मैकेनिज्म इन स्कूल्स ऑफ झारखंड कार्यक्रम में विद्यालयों में बाल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर व्यापक मंथन किया गया। कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सहभागिता करते हुए इसे झारखंड के विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल बताया।
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार होते हैं। ऐसे में यह अत्यंत आवश्यक है कि स्कूलों में बच्चों को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या दुर्व्यवहार से सुरक्षित रखने के लिए मजबूत और प्रभावी बाल सुरक्षा तंत्र मौजूद हो। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण एवं सेफगार्डिंग नीति का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान बाल सुरक्षा तंत्र के क्रियान्वयन, स्कूल स्तर पर निगरानी व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली और संवेदनशीलता बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने पंचायतों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि बाल मित्र ग्राम की अवधारणा और ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियों के माध्यम से शिक्षा विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर बाल सुरक्षा को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के अधिकारों की रक्षा और स्कूलों में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सकता है। इसके लिए पंचायतों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और संबंधित विभागों के बीच नियमित संवाद और सहयोग जरूरी है।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार बाल कल्याण, बाल अधिकारों की सुरक्षा तथा सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दिशा में सरकार सभी संबंधित विभागों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर निरंतर प्रयास करती रहेगी।



