लालूजी अपने 9वीं फेल बेटे को सीएम बनाना चाहते हैं, जबकि बिहार के बच्चे मैट्रिक-इंटर कर गुजरात-महाराष्ट्र की फैक्ट्रियों में मजदूरी करने जा रहे : प्रशांत किशोर

सीतामढ़ी । जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत लगातार अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में लोगों से संवाद कर रहे हैं और स्थानीय पत्रकारों से भी बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने सीतामढ़ी के बाजपट्टी हाई स्कूल मैदान में आयोजित बिहार बदलाव सभा को संबोधित किया।

प्रशांत किशोर ने जनसभा को संबोधित करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि मैं पिछले 3 सालों से बिहार के गांव-गांव घूम रहा हूं। लोग कह रहे हैं कि 56 इंच सीना के लिए मोदी के लिए वोट दिए। लेकिन उनके अपने बच्चों का सीना 15 इंच का हो गया है। शरीर पर सूती कपड़ा या पैरों में चप्पल नहीं है। इसीलिए आपको अपने बच्चों की चिंता करनी है, कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा।

उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि बिहार के लोगों को लालू जी से सीखना चाहिए कि बच्चों की चिंता क्या होती है। कहा कि लालू जी का बेटा 9वीं पास भी नहीं किया है, फिर भी वह चाहते हैं कि उनका बेटा राजा बने और दूसरी तरफ बिहार के लोग जिनके बच्चे मैट्रिक, बी.ए., एम.ए. कर चुके हैं, फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार के लोगों ने पीएम मोदी को मंदिर के लिए वोट दिया, वो बन गया। जाति के नाम पर वोट दिया तो नीतीश कुमार ने जाति गणना करा दिया। पीएम मोदी बिहार के लोगों का वोट लेकर और देश भर का पैसा लेकर अपने राज्य गुजरात में फैक्ट्री लगवा रहे हैं। बिहार के युवा गुजरात जाकर उन्हीं फैक्ट्रियों में 10-12 हजार रुपये के लिए मजदूरी कर रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने सीतामढ़ी के बाजपट्टी में जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के हर पुरुष और महिला को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि जब तक सरकारी विद्यालयों में सुधार नहीं हो जाएगा, तब तक आप अपने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाएं और उनकी फीस सरकार भरेगी ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके।

इसके अलावा प्रशांत किशोर ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस साल बिहार की बदहाली की आखिरी दिवाली और छठ होगी। छठ के बाद बाजपट्टी के या सीतामढ़ी के युवाओं को 10-12 हजार रुपये की मजदूरी करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार भर के ऐसे 50 लाख युवाओं को वापस बुलाकर उन्हें यहीं 10-12 हजार रुपये का रोजगार दे दिया जाएगा।

प्रशांत किशोर ने जनता से अपील की कि इस बार उन्हें और उनके बच्चों को लूटने वाले नेताओं को वोट न दें। चाहे लालू हों, नीतीश हों या मोदी हों, इस बार नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें। इस बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें। इस बार अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें।

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