कर्रा की आरती देवी ने जरबेरा फूल की खेती को आजीविका का बनाया साधन
खूंटी: कर्रा प्रखंड के लोधमा पंचायत के अंतर्गत लोहागड़ा गांव की रहने वाली आरती देवी ने अपनी नई पहचान बनाई है। दीदी लक्ष्मी महिला मंडल से जुड़ी हैं। समूह में जुड़ने से पहले भी दीदी खेती करती थी, पर जानकारी के आभाव के कारण उन्हें अच्छी आमदनी नही हो पा रही थी।
उनके जीवन परिवर्तन आया जब दीदी का चयन आजीविका कृषि सखी के रूप में किया गया, इसके बाद दीदी ने खेती करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस माध्यम से उन्हें खेती के तकनीकों के बारे ने जानकारी मिली। दीदी को उद्यान विभाग से अभिषरण के माध्यम से JSLPS द्वारा ग्रीन हाउस उपलब्ध कराया गया, इसके साथ ही दीदी को जरबेरा फूल की नर्सरी भी मिली, जिसे दीदी ने अपनी मेहनत से उपजाया है और आज उनके ग्रीन हाउस में 4 रंगो के फूल खिले हैं- पीला ,सफेद,गुलाबी,और लाल रंग के फूल ग्रामीणों तथा व्यापारियों को खूब पसंद आ रही है।
आरती दीदी आत्मसम्मान की मुस्कान लिए बताती हैं कि एक फूल को वह 8 से 10 रुपए में बिक्री करती हैं, 2 महीने में दीदी ने 15 हजार से अधिक फूलों की बिक्री की है और आगामी दिनों में दीदी 50 से 60 हजार रूपए तक के फूल बिक्री करेंगी। इनके फूलो का डिमांड डेकोरेशन, शादी, पार्टी और बुफे के लिए किया जाता है। जिस से दीदी बहुत खुश है और गांव की और भी महिला किसान फूल की खेती करने के लिए प्रेरित हुई हैं।

