झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक दशक लंबे संघर्ष को मिली बड़ी सफलता

रांची: राजधानी रांची स्थित पंडरा टर्मिनल मार्केट यार्ड के मतगणना कार्यों में उपयोग पर झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के निर्णय पर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस निर्णय को व्यापारी हित में बताया।
माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय ने झारखण्ड चैम्बर द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि अब भविष्य में पंडरा स्थित टर्मिनल मार्केट यार्ड का किसी भी प्रकार की चुनावी गतिविधियों हेतु उपयोग नहीं किया जाएगा। न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा यार्ड का उपयोग जारी रखा गया, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है।
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह सफलता चैंबर के पिछले एक दशक से अधिक समय से किए जा रहे निरंतर प्रयासों, संघर्ष और प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका की सफलता में चैंबर के कई पूर्व अध्यक्षों, कार्यसमिति के सदस्य एवं लीगल कमिटी के सदस्यों का योगदान रहा है। यह निर्णय पंडरा क्षेत्र के दुकानदारों, गोदाम मालिकों सहित संपूर्ण व्यापारिक समुदाय के अधिकारों की रक्षा करेगा।
विदित हो कि वर्ष 2018 में झारखण्ड चैम्बर के तत्कालीन महासचिव कुणाल अजमानी द्वारा पंडरा कृषि मंडी के दुकानदारों की समस्या को लेकर माननीय न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि लगभग आठ वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह निर्णय आया है। यह व्यापारियों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
चैम्बर की लीगल उप समिति के चेयरमैन देवेश अजमानी ने कहा कि यह निर्णय न्यायपालिका की निष्पक्षता और व्यापारी हितों की रक्षा का मजबूत उदाहरण है। चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने इस जनहित याचिका में चैम्बर की ओर से प्रभावी पैरवी करने वाले अधिवक्ता सलोना मित्तल के प्रति समस्त व्यापारियों की ओर से आभार जताया। चैंबर के सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार ने विश्वास व्यक्त किया कि इस फैसले से अब पंडरा मार्केट क्षेत्र में व्यापार निर्बाध रूप से संचालित होगा और व्यापारियों को बार-बार अधिग्रहण एवं व्यवधान की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

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