अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना पर उद्योग मंत्री ने की विभागीय समीक्षा

रांची: झारखंड सरकार के श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने शुक्रवार को नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) परियोजना को लेकर विभागीय समीक्षा बैठक की। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बोकारो में इंटीग्रेटेड मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव वर्ष 2021 से लंबित है। इसकी मुख्य वजह बोकारो में प्रस्तावित 740 एकड़ भूमि के मूल्य निर्धारण को लेकर जारी विवाद रहा है। बोकारो स्टील प्लांट द्वारा भूमि का मूल्य अत्यधिक तय किए जाने पर राज्य सरकार ने आपत्ति जताई है और स्पष्ट किया है कि मूल्य निर्धारण मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर ही होना चाहिए, ताकि परियोजना व्यवहारिक और लागू करने योग्य हो सके।
बैठक में बोकारो की विधायिका श्रीमती श्वेता सिंह, उद्योग विभाग के सचिव, निदेशक भूमि अभिलेख, निदेशक उद्योग, जियाडा के प्रबंध निदेशक, बोकारो उपायुक्त एवं सेल बोकारो के प्रतिनिधि सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मंत्री संजय प्रसाद यादव ने निदेशक भू-अभिलेख को निर्देश दिया कि बोकारो उपायुक्त द्वारा उपलब्ध कराए गए सर्किल रेट के आधार पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर तत्काल भारत सरकार को भेजा जाए और इसकी प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे आगे की प्रक्रिया को गति मिल सके।
उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से राज्य सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ बोकारो स्टील प्लांट को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ होगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर और प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण औद्योगिक पहल को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह परियोजना बोकारो एवं आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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