प्रश्नपत्र लीक का पर्दाफाश करने वाले दिलीप से पूछताछ किया जाना अनुचित : सुमन
गणादेश ब्यूरो
मुंगेर : बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 67वीं प्रतियोगिता परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक मामले का पर्दाफाश करने वाले दिलीप कुमार को सोमवार दोपहर 2 बजे आर्थिक अपराध के पुलिसकर्मियों द्वारा बिना अपना परिचय दिए हुए उठाकर आर्थिक अपराध कार्यालय ले जाकर रात्रि 8:15 बजे तक पूछताछ करना तथा बाद में अपना परिचय देना, इसे राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव सह जिला राजद मुंगेर के उपाध्यक्ष प्रोफेसर विनय कुमार सुमन ने अनुचित बताया है।
उन्होंने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने पर सर्वप्रथम पटना निवासी दिलीप कुमार ने ही ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सूचना दी थी। उन्होंने ऐसा कर बिहार के लाखों गरीब छात्रों के भविष्य को संभालने की कोशिश की। ऐसे व्यक्ति को इस ढंग से पूछताछ के लिए उठाकर ले जाना कहीं से भी उचित नहीं है। क्योंकि उन्हें जब ले जाया जा रहा था तो आर्थिक अपराध के पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपना परिचय नहीं दिया । आर्थिक अपराध कार्यालय जाने के बाद उन्हें जानकारी मिली प्रश्नपत्र लीक मामले में पूछताछ के लिए उन्हें यहां लाया गया है। प्रश्न पत्र लीक होने से दिलीप कुमार छात्रों के अंधकार में भविष्य को देखते हुए काफी मर्माहत हैं । बिहार के मुखिया नीतीश कुमार यह कहते हुए नहीं थकते हैं कि बिहार सरकार ना किसी को फंसाती है और न किसी को बचाती है।राजद सीएम नीतीश कुमार से मांग करती है कि कुछ धन कुबेर के बच्चों को मदद पहुंचाने के लिए लाखों गरीब छात्र जो दैनिक मजदूरी कर किसी तरह अपना जीवन निर्वाह करते हुए परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनकी मनोदशा देखने लायक है।

