कटनी जिला पंचायत के चुनाव में किन्नर माला मौसी की रिकार्ड मतों से जीत
महापौर कमला के बाद माला मौसी ने भी रचा इतिहास
भोपाल : कटनी जिले के मतदाताओं ने जिला सरकार में किन्नर माला मौसी को पहुंचाकर एक बार फिर सभी को चौंका दिया है। ज्ञात हो कि 8 हजार रिकॉर्ड मतों से जीतने वाली माला अब अध्यक्ष पद पर दावा ठोंकने की तैयारी कर रही हैं। उनके जीत से सियासी दलों के समीकरण भी बिगड़ गए हैं। मतदाताओं के समर्थन के बाद कुछ सदस्य माला की मदद के लिए आगे आए हैं, जो अध्यक्ष बनाकर बड़ा धमाका करने की तैयारी कर रहे हैं। कटनी जिला पंचायत चुनाव में किन्नर माला की जीत के कई मायने हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित वार्ड 9 से बड़ी खामोशी से पर्चा दाखिल किया था। इसके बाद गांव के दौरे पर निकलीं, तो उन्हें अपार जनसमर्थन मिला। लोगों ने वोट के साथ प्रचार सामग्री के लिए नोट भी जुटाए। जब मतपेटी खुली तो राजनीतिक दिग्गजों की आंखें फटी की फटी रह गई। इस वार्ड में पड़े 38 हजार 80 मतों में से 14 हजार 702 मत माला मौसी को मिले। उनकी निकटतम प्रत्याशी के खाते में 6 हजार 872 वोट गए। इतनी बड़ी जीत की उम्मीद न तो माला को थी और न ही उनके समर्थकों को भी। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के बाद अध्यक्ष का पद सुर्खियों में है। वे जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। हालांकि अध्यक्ष पद की दौड़ में एक अन्य महिला भी शामिल हैं।*
अजा महिला के लिए आरक्षित है अध्यक्ष पद
कटनी जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनूसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। जिला पंचायत में 14 वार्ड हैं, जिनमें वार्ड कमांक 2 व वार्ड क्रमांक 9 अनूसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। इन दो वार्डों में से वार्ड क्रमांक 9 पर माला मौसी ने चुनाव जीता है, तो वहीं वार्ड कमांक 2 से भाजपा समर्थित सुनीता मेहरा विजेता रही। इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला होने की संभावना है।
ये है अध्यक्ष बनने का समीकरण
*किन्नर माला मौसी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव तो जीत गई हैं, अलबत्ता उन्हें किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं रहा है। दूसरी ओर वार्ड कमांक 2 से जीती सुनीता मेहरा को भाजपा अपना समर्थित उम्मीदवार बता रही है। हालांकि माला ने भी भाजपा से समर्थन मांगा है। कटनी जिले में भाजपा के दावे के अनुसार 7 सदस्य उसके हैं, वहीं कांग्रेस के 5 व माला सहित दो अन्य हैं।

