पूर्व सीएम बाबूलाल के खिलाफ दल-बदल मामले में स्पीकर कोर्ट में आठ बिंदुओं पर हुई सुनवाई

रांची,। पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी के खिलाफ चल रहे दल बदल मामले में मंगलवार को स्पीकर कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें बाबूलाल मरांडी के अधिवक्ता आरएन सहाय ने अपना पक्ष रखा। सहाय ने कहा कि कानूनी प्रविधानों के मुताबिक सुनवाई नहीं हो रही है। जबतक प्रारंभिक आपत्ति पर न्यायाधिकरण का निर्णय नहीं हो जाता तब तक केस के मेरिट पर सुनवाई नहीं हो सकती है। उन्होंने कुछ और बिंदुओं को जोड़ने का आग्रह किया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि ईश्यू क्या होगा यह न्यायाधिकरण के अधिकार में है। पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि दो तिहाई बहुमत का बाबूलाल मरांडी ने उल्लंघन किया है। उन्होंने गलत तरीके से दल-बदल किया है। इसलिए बाबूलाल मरांडी की सदस्यता रद की जाए।
इन आठ बिंदुओं पर सुनवाई
अकेले भाजपा में बाबूलाल मरांडी के शामिल होने से उन्हें 10वीं अनुसूची का लाभ प्राप्त होगा अथवा नहीं।
यदि बाबूलाल मरांडी इस मामले में अयोग्य पाए गए तो वह किस तिथि से प्रभावी होगी।
बाबूलाल संवैधानिक प्रविधानों के मुताबिक दल परिवर्तन के नियम के तहत अयोग्य हुए या नहीं।
कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह द्वारा देर से की गई शिकायत सुनने योग्य है अथवा नहीं।
16 फरवरी 2020 को बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा सचिवालय को सूचित किया था कि भाजपा में शामिल हुए हैं। उस दिन झाविमो के सदस्यों की संख्या कितनी थी। कौन-कौन झाविमो विधानमंडल दल के सदस्य थे।
बाबूलाल मरांडी द्वारा यह सूचित किया जाना संविधान की 10वीं अनुसूची के मुताबिक झारखंड विकास मोर्चा की सदस्यता स्वेच्छा से छोड़ना माना जाएगा अथवा नहीं।
बाबूलाल मरांडी द्वारा प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को निष्कासित किए जाने के बाद झारखंड विकास मोर्चा विधानमंडल दल की संख्या पूर्ववत रही या नहीं।

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