सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में खूंटी बंद,पार्थिव शरीर बीच सड़क पर रख कर किया प्रदर्शन, डीसी-एसपी पहुंचे धरना स्थल पर,दिया आश्वासन
खूंटी:आदिवासी नेता सह पहाड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में गुरुवार को खूंटी जिला पूरी तरह बंद रहा। इस बंद का व्यापक असर पूरे जिले में देखने को मिला। आक्रोशित ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों ने जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात ठप कर दिया और हत्यारे की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
विरोध के दौरान स्थानीय लोगों ने सोमा मुंडा के पार्थिव शरीर को खूंटी नीचे चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे के भीतर हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। घंटों तक चले इस सड़क जाम के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित रहा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। मृतक सोमा मुंडा की पत्नी अमृता तिर्की और उसकी बेटी और बेटा ने कहा कि हमारे पिता जी ने किसी का क्या बिगड़ा था जो उनको गोली मार का हत्या कर दिया गया। जिला प्रशासन से अविलंब हत्यारे की गिरफ्तारी और फांसी की सजा देने की मांग की।
वहीं यातयात घंटों जाम की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। डीसी आर रॉनिटा और एसपी मनीष टोप्पो, एसडीएम दीपेश कुमारी, तोरपा एसडीपीओ, खूंटी थाना प्रभारी एवं मुरहू थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ नीचे चौक पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और परिजनों से लंबी बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर बाद परिजन एवं ग्रामीण शांत हुए।
इसके बाद मृतक के परिजनों द्वारा आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से सोमा मुंडा के हत्यारे की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा, परिजनों में एक सदस्य को सरकारी नौकरी, तथा हुटार चौक पर सोमा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा आदिवासी समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसी अन्य मांगें भी रखी गईं।
डीसी ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए मांगों पर विधिसम्मत कार्रवाई और उचित विचार का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब पांच बजे पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, जिसके साथ ही सड़क जाम हटाया गया और यातायात सामान्य रूप से बहाल हुआ।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री गीतश्री उरांव, जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, आदिवासी नेता मार्शल बारला, कुंदरिस मुंडा, प्रेमशाही मुंडा सहित कई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा



