बोकारो में वन विभाग ने सहारा इंडिया को बेच दी 70 एकड़ जमीन, फंस सकते हैं टॉप लेवल के आइएफएस
डीएफओ ने भेज दी सरकार को रिर्पोट, मच गया है हड़कंप, लीपापोती का हो रहा प्रसास
रांचीः वन विभाग के अफसरों के कारनामे भी अजीव-गरीब हैं। जिनके जिम्मे जंगल की सुरक्षा की जिम्मेवारी है, वे ही जंगल की जमीन का बंदरबांट कर रहे हैं। अब मामला बोकारो के वन भूमि से जुड़ा है। बोकारो में वन विभाग की 70 एकड़ अधिसूचित वन भूमि को तत्कालीन डीएफओ ने सहारा इंडिया को ट्रांसफर कर दिया। तत्कालीन डीएफओ और वहां के तत्कालीन सीओ की मिली भगत से यह जमीन सहारा इंडिया को ट्रांसफर कर दी गई। इसी बीच सहारा इंडिया ने यह जमीन निजी व्यक्ति के हाथों बेच दी। जब वह व्यक्ति जमीन पर कब्जा करने आया तो वन विभाग ने कब्जा करने आए लोगों की गाड़ियां जब्त कर ली। अब वर्तमान में बोकारो डीएफओ ने सरकार को रिर्पोट की है कि इस मामले में काफी गड़बड़ी हुई। जब इस रिर्पोट के बारे में टॉप लेवल के आइएफएस को पता चला तो डीएफओ के तबादले में जुट गए, लेकिन डीएफओ को हटा नहीं पाए। अब इस जमीन की हेरा फेरी में शामिल अफसरों के होश उड़ गए हैं। इसमें टॉप लेवल के एक आइएफएस पर गाज गिर सकती है। क्योंकि उस वक्त वे ही बोकारो के डीएफओ थे। बताते चलें कि वन विभाग के हर प्रमंडल के साथ लगभग सभी जिलों में वन भूमि में अतिक्रमण हुआ है. इसमें वन भूमि घोटाले से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. पूरे जंगल क्षेत्र में 49977.16 हेक्टेयर वन भूमि में अतिक्रमण हुआ है. . जानकारी के अनुसार, इस मामले में कई वरीय आइएफएस अधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है. बताते चलें कि बोकारो वन प्रमंडल- 285.0 हेक्टेयर और धनबाद- वन प्रमंडल में 893.084 हेक्टेयर वन भूमि का अतिक्रमण हुआ है।

