बिहार में बाहुबली नेताओं की फेरहिस्त होती जा रही लंबी, सांसद, विधायक से लेकर राज्य और केंद्र में मंत्री तक बने
पटनाः बिहार में बाहुबली नेताओं की फेरहिस्त लंबी ही होती जा रही है। मंगलवार को मोकामा से राजद विधायक अनंत सिंह को अदालत ने 10 साल की सुनाई। अब उनकी विधायकी जाना तय माना जा रहा है। बिहार की की राजनीति पर गौर करें तो ऐसे नेताओं की सूची लंबी होती जा रही है। ऐसे दबंद छवि वाले सांसद और विधायक बने। साथ ही राज्य से लेकर केंद्र तक में मंत्री पद को भी सुशाोभित किया। मोकामा विधायक अनंत सिंह सिंह को मोकामा में छोटे सरकार के नाम से जाना जाता है। पहले वे जदयू में थे। बाढ़ में एक हत्याकांड के बाद जदयू से इनकी दूरी बनी। वे निर्दलीय विधायक भी बने। बाद में राजद के टिकट पर विधायक बने। दूसरे रीतलाल यादव जेल में रहते हुए चुनाव जीते। उनकी भी छवि बाहुबली वाली थी। जेल में रहते हुए विधान परिषद का चुनाव जीत गए। इससे पहले 2015 में राजद के टिकट पर उन्होंने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। लंबे समय तक वे भी जेल में रहे हैं। सिवान के सांसद रह चुके दिवंगत मो शहाबुद्दीन का नाम बाहुबलियों में काफी ऊपर रखा जाता है। सिवान के सुल्तान के नाम से चर्चित शहाबुद्दीन का इंतकाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में हो गया था। डबल मर्डर मामले में वे आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। निर्दलीय विधायक और सांसद बनने के बाद कई दलों से सदन पहुंच चुके राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का इतिहास भी बाहुबली नेता वाला रहा है। हालांकि, वर्तमान में वे अपनी छवि को पूरी तरह बदलने में लग गए हैं। लोगों के बीच काफी सक्रिय हैं। पूर्व सांसद आनंद मोहन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वे देश के पहले ऐसे राजनेता हैं जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में उसे उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया। सहरसा जिले के रहने वाले आनंद मोहन जेपी आंदोलन में काफी सक्रिय रहे। वहीं इस फेरहिस्त में तस्लीमुद्दीन, , मुन्ना शुक्ला, रामा सिंह, सूरजभान सिंह, राजन तिवारी, सुनील पांडेय जैसे दर्जनों नाम हैं।

