बिहार में अराधियों के निशाने पर रहे मुखिया, आठ महीने में आठ मुखिया की हो गई हत्या
रांचीः बिहार के अपराधियों के निशाने पर मुखिया ही रहे। अपराधियों ने मुखिया को ही अपना निशाना बनाया। बजह कुछ भी हो लेकिन पिछले आठ महीने में आठ मुखियाओं को अपराधियों ने मौत के घाट उतार दिए। पिछले आठ महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो मुंगेर में मुखिया परमानंद टुड्डू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जमुई में जयप्रकाश प्रसाद उर्फ प्रकाश महतो की हत्या, पटना में प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल की हत्या, पटना में ही नीरज कुमार की हत्या,भोजपुर में संजय सिंह की हत्या।,गोपालगंज में सुखल मुसहर की हत्या, भागलपुर में अनीता देवी की हत्या और सहरसा में रंजीत साह की हत्या कर दी गई। वहीं मुखिया रंजीत साह हत्या के बाद बैजनाथपुर में तनाव व्याप्त है। वहीं घटनास्थल पर जनप्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मौके पर मौजूद पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि घटना निंदनीय व चिंतनीय है। जनप्रतिनिधियों की हत्या लोकतंत्र की हत्या है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार की घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना में संलिप्त बदताशों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए और इस कांड की स्पीडी ट्राइल हो। युवा राजद के जिलाध्यक्ष भारत यादव ने कहा कि हत्या में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी होनी चाहिए और उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं जदयू नेता अमर यादव ने कहा कि हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो।

