नीतीश ने धमकाया, तो बैकफ़ुट पर बीजेपी,भूपेंद्र यादव की होगी छुट्टी!
गणादेश ब्यूरो
पटना: क्या अब बीजेपी के बयान बहादुर नेताओं की जुबान अपने ही गठबंधन पर अग्निवर्षा नहीं करेगी! क्या अपने बड़बोले नेताओं को भाजपा का पार्टी अनुशासन बांध पायेगा!अभी बिहार के सत्ता गलियारे में यही सवाल पूछा जा रहा है !
दरअसल केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 2 घंटे हुई मुलाकात के बाद जदयू सूत्रों के हवाले से यही खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री ने भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट तौर पर अपनी असहजता से अवगत करा दिया है।
खास तौर पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के द्वारा जिस तरह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर समानांतर सत्ता केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है। उसे लेकर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी केंद्रीय मंत्री को बता दी। बताया जा रहा है कि बिहार के प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव की भूमिका पर भी बात हुई।
ऐसे में अगर भूपेंद्र यादव से बिहार का प्रभार लिया गया तो नित्यानंद राय के ग्रुप को बड़ा झटका लगेगा। पार्टी के अंदर यही माना जा रहा है कि भूपेंद्र यादव नित्यानंद राय को लगातार मुख्यमंत्री वाला प्रोजेक्शन दे रहे हैं। इसे भाजपा के अंदर भी स्वीकार्यता नहीं मिल पा रही है। वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव में जिस तरह नित्यानंद राय को प्रोजेक्ट करने की कोशिश की गई, उससे भाजपा के एक बड़े वर्ग के साथ ही जदयू नेतृत्व और असहज हुआ। इस पूरे कार्यक्रम से जिस तरह मुख्यमंत्री को अलग रखा गया। उसे सीएम ने प्रमुखता से बीजेपी के केंद्रीय मंत्री के सामने रखा।
साथ ही आए दिन भाजपा के नेताओं द्वारा गठबंधन पर अनावश्यक की जा रही बयान बाजी की बात भी रखी गई और कहा गया कि इस तरह की बयानबाजी से गठबंधन सरकार के सामने, जनता के सामने कन्फ्यूजन पैदा होता है, इसलिए बातें चुनिंदा लोग ही रखें जो पार्टी की ओर से अधिकृत किए गए हों।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री की इस मुलाकात के बाद यह स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी के बयान बहादुर नेताओं पर लगाम कसी जाएगी। उन्हें अनावश्यक बयानबाजी से बचने के लिए कहा जाएगा और अगर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से बिहार का प्रभार लिया जाता है तो यह माना जाएगा कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व में मुख्यमंत्री की बातों को गंभीरता से लिया है। यह दोनों ही पार्टियों के लिए बेहतर भी होगा।

