IAS कृष्णैया की पत्नी ने कहा-ईमानदार अधिकारी को मारने वाला छूट गया
नई दिल्ली : दिवंगत IAS जी.कृष्णैया की पत्नी टी. उमा देवी ने आनंद मोहन की रिहाई पर अफसोस जताया है। उन्होंने पूर्व सांसद आनंद मोहन को बिहार जेल नियमों में हुए बदलाव के तहत रिहा करने के संबंध में कहा कि ईमानदार अधिकारी को मारने वाला छूट गया। उन्होंने इसे अन्याय बताया है और कहा कि सरकार ने बहुत गलत फैसला लिया है।
वहीं, अपनी रिहाई के ठीक बाद आनंद मोहन ने कहा कि जो लोग मेरी रिहाई का विरोध कर रहे हैं, वह कोर्ट की अवमानना कर रहे हैं।
IAS कृष्णैया की पत्नी ने कहा कि एक ईमानदार अफसर की हत्या करने वाले को छोड़ा जा रहा है, इससे हम समझते हैं कि न्याय व्यवस्था क्या है? उन्होंने कहा कि राजपूत समुदाय सहित अन्य समुदायों में भी इस रिहाई का विरोध होना चाहिए। उसे रिहा नहीं किया जाना चाहिए, उसे दंडित किया जाना चाहिए और मौत की सजा दी जानी चाहिए। उमा देवी ने कहा कि ‘मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इसे रोकने का अनुरोध करती हूं।
काट चुका हूं अपनी सजा
वहीं, अपनी रिहाई के ठीक बाद आनंद मोहन ने कहा कि जो लोग मेरी रिहाई का विरोध कर रहे हैं, वह कोर्ट की अवमानना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2007 में उन्हें सजा मिली थी। इसके बाद 2012 में एक एक्ट आया। इसके आधार पर ही उन्हें रिहाई मिली है। वैसे भी आजीवन कारावास का मतलब, जिंदगी भर नहीं होता है। इसका मतलब होता है 20 साल की सजा।
उन्होंने कहा कि अगर किसी भी कैदी का आचरण अच्छा होता है तो 14 साल की सजा काटने के बाद उसे रिहा किया जा सकता है। अपने केस में मैं 15 साल की सजा काट चुका हूं। डीएम जी. कृष्णैया की मौत का उन्हें भी दुख है।

