03 अक्टूबर मंगलवार का राशिफल एवम पंचांग
मेष:आज का दिन आपकी अपेक्षाओं के अनुसार रहेगा। सामाजिक एवं पारिवारिक क्षेत्र पर आज आप भाग्यशाली माने जाएंगे। आपके अधिकांश कार्य सरलता से बनते चले जाएंगे। जायदाद सम्बंधित कार्यो को आज करना शुभ रहेगा। सरकार की तरफ से लाभदायक समाचार मिल सकता है। विदेश सम्बंधित कार्यो में भी सफलता सुनिश्चित रहेगी। धार्मिक क्षेत्र पर योगदान के लिए सम्मानित किए जाएंगे। परिवार में भी आज आपको विशेष स्नेह एव सुविधा व आशीर्वाद मिलेगा अतः आपको भी व्यवहार में नम्रता लाने की आवश्यकता है। संतान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। छोटी पार्टी का आयोजन होगा। स्वास्थ्य में भी लाभ रहेगा। धन लाभ में थोड़ा विलम्ब हो सकता है।
वृष:आपका आज का दिन सामान्य रहेगा । परिजनों का सहयोग मिलेगा । संबंधो में मधुरता लाने का प्रयास करें । गलतफहमियां आज परेशान कर सकती है। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहने से अधिक ध्यान देना पड़ेगा। आपके हिस्से का लाभ किसी अन्य व्यक्ति को न लेने दें। संभावित अनुबंध निरस्त होने से मन भारी रहेगा चिंता न करें। लंबी यात्रा की योजना स्थगित करनी पड़ सकती है। पारिवारिक खर्च पर ध्यान दें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
मिथुन:आज का दिन आपको मिश्रित फलदायी रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में शारीरिक रूप से असमर्थ रहेंगे आलस्य अधिक रहने से उत्साह की कमी रहेगी। परिवार का वातावरण असहज रह सकता है । परन्तु मध्यान तक स्थिति सुधरने लगेगी अपना उत्तरदायित्व समझेंगे किसी विशिष्ट व्यक्ति के मार्गदर्शन से कार्य क्षेत्र पर लाभ के अनुबंध मिलेंगे। सेहत भी धीरे-धीरे सामान्य हो जायेगी। सहकर्मियों का साथ मिलने से कार्य निश्चित अवधि में पूर्ण कर लेंगे। संध्या के समय धन लाभ होगा मनोरंजन पर खर्च भी रहेगा।
कर्क:आज का दिन आनंददायक रहेगा। आज आप लगभग प्रत्येक क्षेत्र पर सफल रहेंगे। सफलता के पीछे परिजनों का भी विशेष योगदान रहेगा फिर भी आज स्वार्थ की मनोवृत्ति अधिक रहने से किसी का अहसान नहीं मानेंगे। महिला मित्रो से ज्यादा नजदीकी के कारण समाज में निंदा हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन बेहतर सिद्ध होगा। व्यापारियों के लिए आज का दिन कुछ ख़ास करेगा। मनोरंजन के साथ-साथ तामसी वृतियो में वृद्धि होगी। घर का वातावरण सामान्यतः शांत ही रहेगा फिर भी रंग में भंग ना पड़े इसका ध्यान रखे।
सिंह:आज के दिन आपके लिए विशेष रहेगा । धन को लेकर चिंता न करें बल्कि धन सम्बंधित मामलो को प्राथमिकता से निपटाएं अन्य सब सही होगा । कार्य व्यवसाय में धन लाभ होते होते आगे के लिए टलेगा। किसी विशेष खुशी का आयोजन होगा जिससे परिवार में खुशी का माहौल होगा व भरपूर सहयोग मिलेगा । सामाजिक क्षेत्र पर स्वयं को बड़ा दिखाना आप जैसे बुद्धि जीवी का काम नहीं। परिजनों के साथ बाहर का भोजन खाएंगे। सेहत बढिया रहेगी।
कन्या:आज आप शारीरिक एवं मानसिक रूप से बेहतर अनुभव करेंगे। दिन के आरम्भ में किसी इच्छित कार्य के बनने से मन में उत्साह बढ़ेगा। व्यवहार में भी मधुरता रहने से आसानी से अपने कार्य निकाल सकेंगे। घर में अथवा कार्य क्षेत्र पर बड़बोलापन व्यर्थ की समस्या खड़ी ना करे इसलिए सोच समझ कर ही अपनी बात रखे अथवा मौन ही रहें। सरकारी अथवा पुरानी योजनाओं में धन फंस सकता है। लेन देन करते समय सावधानी रखें। परिवार में आपसी मतभेद न आने दें।
तुला:आज के दिन आपको संयमित व्यवहार करने की सलाह है। स्वाभाव में उग्रता रहने सही नहीं होती ध्यान रहे । आपके कार्य करने का तरीका किसी अन्य के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। बिना बात बोलने अथवा सलाह देना उचित नहीं । धन आवश्यकता के समय नहीं मिलने पर निराशा होगी। भाग-दौड़ करने के बाद किसी से अल्प मात्रा में मदद मिल जायेगी। परिजनों के विपरीत व्यवहार की अनदेखी करना ही बेहतर रहेगा। आध्यात्म से जुड़े शांति मिलेगी।
वृश्चिक:आज के दिन कार्य क्षेत्र के साथ साथ घरेलु कार्य अधिक रहने से व्यस्तता बढ़ेगी। दोपहर का समय धन लाभ के अवसर भी मिलेंगे परन्तु आशा के अनुसार सफलता नहीं मिल पाएगी। घर में सजावट एवं बदलाव लाने के लिए समय एवं धन खर्च हो सकता है। सन्तानो की जिद के चलते थोड़े असहज रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा कम रहने का पूरा लाभ मिल सकेगा। प्रतिष्ठा को लेकर आज आप अधिक संवेदनशील रहेंगे। अविवाहितो को विवाह के प्रस्ताव मिलेंगे। नौकरी पेशा जातको को थोड़ी परेशानी रहेगी। संध्या का समय एकांत वास में बिताना पसंद करेंगे।
धनु:आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा। व्यापार अथवा नौकरी करने वाले जातक आज परिश्रम के बाद ही कार्य में सफलता पा सकेंगे। उच्चाधिकारी से किसी बात पर मतभेद रह सकता है आज इनसे बचकर रहने का प्रयास करें। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग मिलने से थोड़ी राहत अनुभव होगी। परिवार में पत्नी अथवा पुत्रादि को समय और प्यार दें । खर्च अधिक रहेगा। आज आर्थिक मामलों में ढील ना दें अन्यथा आगे परेशानी हो सकती है। गैस कब्जादि के कारण परेशानी होने की संभावना है।
मकर:आज आपके मन के विचार थोड़ी-थोड़ी देर में बदलते रहेंगे जिससे कोई भी ठोस निर्णय लेने में दिक्कत आएगी। परन्तु फिर भी आज आपका ध्यान सुख के साधनों की हर हाल में वृद्धि करने में रहेगा। अनैतिक साधनो से लाभ पाने के प्रलोभन भी मिल सकते है परन्तु इनसे बच कर रहे भविष्य की हानि से भी बचेंगे। लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु अनिर्णय की स्थिति के कारण इनका पूर्ण लाभ नहीं ले पाएंगे। अधिकांश कार्य आगे के लिए टलेंगे। सामाजिक क्षेत्र पर आपकी छवि धनवानों जैसी रहेगी फिर भी आडंबर से दूर रहें।
कुंभ:आज का दिन सामान्य रहेगा। आज के दिन आप अपने ही गैरजिम्मेदार व्यवहार से बचें । कार्यो में लापरवाही भी अधिक न करें। हर कार्य में शक करने के कारण परिवार अथवा कार्य क्षेत्र पर सौहार्द पूर्ण रहें । व्यवसाय आशा के अनुकूल रहेगा। धन लाभ आज परिश्रम ही हो पायेगा। किसी दूर रहने वाले रिश्तेदार से समाचार मिल सकता है। सेहत का ध्यान रखें।
मीन:आज घर एवं सामाजिक क्षेत्र पर आपके विचारों को पसंद किया जाएगा। अनजान लोग भी आपकी बातों से प्रभावित होंगे नए मित्र एवं जनसंपर्क बनेंगे। सेहत भी आज अच्छी रहेगी । कार्य क्षेत्र पर अपने बल पर कार्य करेंगे। धार्मिक कार्यों में रूचि बढेगी। आज किसी से मदद अथवा शिफारिश नहीं लेंगे। पुराने रुके हुए कार्यो में आश्चर्यजनक रूप से गति आएगी। धन लाभ भी आकस्मिक ही होगा। बीच-बीच में मनोरंजन के अवसर मिलने से मन हल्का रहेगा। परिजन सहयोग करेंगे।🌞ll ~ वैदिक पंचांग ~ll🌞*
🌤️ दिनांक – 03 अक्टूबर 2023
🌤️ दिन – मंगलवार
🌤️ विक्रम संवत – 2080
🌤️ शक संवत -1945
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – आश्विन
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – पंचमी 04 अक्टूबर प्रातः 05:33 तक तत्पश्चात षष्ठी
🌤️ नक्षत्र – कृत्तिका शाम 06:04 तक तत्पश्चात रोहिणी
🌤️ योग – वज्र सुबह 08:18 तक तत्पश्चात सिद्धि
🌤️ राहुकाल – शाम 03:26 से शाम 04:56 तक
🌞 सूर्योदय-05:39
🌤️ सूर्यास्त- 06:02
👉 दिशाशूल- उत्तर दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – पंचमी का श्राद्ध,कृत्तिका श्राद्ध
💥 विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
👉🏻 श्राद्ध कर्म विशेष जानकारी⤵️
🌷 जानिए पुराणों के अनुसार श्राद्ध का महत्व🌷
🙏 कुर्मपुराण : कुर्मपुराण में कहा गया है कि ‘जो प्राणी जिस किसी भी विधि से एकाग्रचित होकर श्राद्ध करता है, वह समस्त पापों से रहित होकर मुक्त हो जाता है और पुनः संसार चक्र में नहीं आता।’
🙏 गरुड़ पुराण : इस पुराण के अनुसार ‘पितृ पूजन (श्राद्धकर्म) से संतुष्ट होकर पितर मनुष्यों के लिए आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, वैभव, सुख, धन और धान्य देते हैं।
🙏 मार्कण्डेय पुराण : इसके अनुसार ‘श्राद्ध से तृप्त होकर पितृगण श्राद्धकर्ता को दीर्घायु, सन्तति, धन, विद्या सुख, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करते हैं।
🙏 ब्रह्मपुराण : इसके अनुसार ‘जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति से श्राद्ध करता है, उसके कुल में कोई भी दुःखी नहीं होता।’ साथ ही ब्रह्मपुराण में वर्णन है कि ‘श्रद्धा एवं विश्वास पूर्वक किए हुए श्राद्ध में पिण्डों पर गिरी हुई पानी की नन्हीं-नन्हीं बूंदों से पशु-पक्षियों की योनि में पड़े हुए पितरों का पोषण होता है। जिस कुल में जो बाल्यावस्था में ही मर गए हों, वे सम्मार्जन के जल से तृप्त हो जाते हैं।
🌷 श्राद्ध में भोजन कराने का विधान 🌷
🙏🏻 भोजन के लिए उपस्थित अन्न अत्यंत मधुर, भोजनकर्त्ता की इच्छा के अनुसार तथा अच्छी प्रकार सिद्ध किया हुआ होना चाहिए। पात्रों में भोजन रखकर श्राद्धकर्त्ता को अत्यंत सुंदर एवं मधुरवाणी से कहना चाहिए किः ‘हे महानुभावो ! अब आप लोग अपनी इच्छा के अनुसार भोजन करें।’
🙏🏻 फिर क्रोध तथा उतावलेपन को छोड़कर उन्हें भक्ति पूर्वक भोजन परोसते रहना चाहिए।
🙏🏻 ब्राह्मणों को भी दत्तचित्त और मौन होकर प्रसन्न मुख से सुखपूर्वक भोजन कराना चाहिए।
➡ “लहसुन, गाजर, प्याज, करम्भ (दही मिला हुआ आटा या अन्य भोज्य पदार्थ) आदि वस्तुएँ जो रस और गन्ध से युक्त हैं श्राद्धकर्म में निषिद्ध हैं।”(वायु पुराणः 78.12)
➡ “ब्राह्मण को चाहिए कि वह भोजन के समय कदापि आँसू न गिराये, क्रोध न करे, झूठ न बोले, पैर से अन्न को न छुए और उसे परोसते हुए न हिलाये। आँसू गिराने से श्राद्धान्न भूतों को, क्रोध करने से शत्रुओं को, झूठ बोलने से कुत्तों को, पैर छुआने से राक्षसों को और उछालने से पापियों को प्राप्त होता है।”(मनुस्मृतिः 3.229.230)
➡ “जब तक अन्न गरम रहता है और ब्राह्मण मौन होकर भोजन करते हैं, भोज्य पदार्थों के गुण नहीं बतलाते तब तक पितर भोजन करते हैं। सिर में पगड़ी बाँधकर या दक्षिण की ओर मुँह करके या खड़ाऊँ पहनकर जो भोजन किया जाता है उसे राक्षस खा जाते हैं।”(मनुस्मृतिः 3.237.238)
➡ “भोजन करते हुए ब्राह्मणों पर चाण्डाल, सुअर, मुर्गा, कुत्ता, रजस्वला स्त्री और नपुंसक की दृष्टि नहीं पड़नी चाहिए। होम, दान, ब्राह्मण-भोजन, देवकर्म और पितृकर्म को यदि ये देख लें तो वह कर्म निष्फल हो जाता है।
➡ सुअर के सूँघने से, मुर्गी के पंख की हवा लगने से, कुत्ते के देखने से और शूद्र के छूने से श्राद्धान्न निष्फल हो जाता है। लँगड़ा, काना, श्राद्धकर्ता का सेवक, हीनांग, अधिकांग इन सबको श्राद्ध-स्थल से हटा दें।”(मनुस्मृतिः 3.241.242)
➡ “श्राद्ध से बची हुई भोजनादि वस्तुएँ स्त्री को तथा जो अनुचर न हों ऐसे शूद्र को नहीं देनी चाहिए। जो अज्ञानवश इन्हें दे देता है, उसका दिया हुआ श्राद्ध पितरों को नहीं प्राप्त होता। इसलिए श्राद्धकर्म में जूठे बचे हुए अन्नादि पदार्थ किसी को नहीं देना चाहिए।”(वायु पुराणः 79.83)

