02 अक्टूबर रविवार का राशिफल एवम पंचांग

मेष: आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन पिछले कुछ दिनों से बेहतर रहेगा। कार्य क्षेत्र पर अतिरिक्त आय के साधन बनेंगे। रुके हुए कार्य पूर्ण होने से भी धन लाभ होगा। सामाजिक गतिविधियों में पूरा समय ना दे पाने से लोगो से किसी से नाराजगी रहेगी। संध्या का समय मनोरंजन वाला रहेगा। उत्तम भोजन के साथ गृहस्थ का सुख मिलेगा। सन्तानो के ऊपर खर्च करना पड़ेगा। किसी गुप्त चिंता के कारण बेचैनी भी रह सकती है। सेहत आज अच्छी बनी रहेगी।

वृष:आज का दिन मिश्रित फल देगा पूर्वार्ध में सेहत थोड़ी नरम रह सकती है जिसके कारण आलस्य भी रहेगा। काम बेमन से करने पड़ेंगे व्यवहार में भी रुखापन रहने से संबंधो में खटास रहेगी। धीरे धीरे स्थिति में सुधार होगा कार्य स्थल पर महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ेगी। अधिकारी वर्ग आज आप पर ज्यादा भरोसा दिखाएँगे। व्यवसायी वर्ग आज चाह कर भी बेहतर सेवा नहीं दे पाएंगे जिस कारण आलोचना हो सकती है। पुराने कार्यो को पूर्ण करने के बाद ही नए कार्य हाथ लें। परिवार में तनाव रह सकता है।

मिथुन:आज भी दिन का अधिकांश समय शांति से व्यतीत होगा। थोड़ी आर्थिक परेशानियां रह सकती है परंतु मानसिक रूप से दृढ़ रहेंगे। जिस भी कार्य को करने की ठानेंगे उसे हानि-लाभ की परवाह किये बिना पूर्ण करके छोड़ेंगे। कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति अथवा भगीदारो की दखलंदाजी से थोड़ी परेशानी एवं बहस हो सकती है। किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर भी मिलेगा। बाहर की अपेक्षा घर में समय बिताना पसंद करेंगे। संध्या के समय धन लाभ हो सकता है।

कर्क:आज दिन के आरम्भ में बनते कार्यो में रुकावट आने से अधिक भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। मध्यान तक थोड़े बहुत कार्य सफल होने से धन की आमद होगी परन्तु खर्च भी अधिक रहने से बचत नहीं कर पाएंगे। दोपहर के बाद से घर एवं बाहर सहयोगी वातावरण बनने से कार्यो में सरलता रहेगी। समय से पहले ही कार्यो को पूर्ण करने में जुट जाएंगे संध्या के समय तक अधिकांश कार्य पूर्ण होने से धन की आवक होने लगेगी। धार में शांति रहेगी सामाजिक क्षेत्र से प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

सिंह:आज के दिन आप व्यापारिक गतिविधियों की व्यस्तता के चलते परिवार के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाएंगे। वाणी एवं व्यवहार के बल पर कार्यो में थोड़े परिश्रम से अधिक सफलता मिल सकेगी। मनोबल भी आज बढ़ा हुआ रहेगा। परंतु आज आपको कोई ना कोई कमी भी अनुभव होगी। धन का आगमन होने से थकान भूल जाएंगे। संतानों पर ध्यान देंने की आवश्यकता है। स्त्री से सम्बन्ध भावनात्मक रहेंगे। सुख के साधनों पर खर्च करेंगे।

कन्या: आज आप अधिक लापरवाह रहने के कारण हानि उठा सकते है। प्रातः काल से ही यात्रा पर्यटन की योजना बनेगी परन्तु इसमें व्यवधान भी आएंगे। कार्य क्षेत्र पर अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा। नौकरों के ऊपर ज्यादा विश्वास हानि का कारण बन सकता है। वाणी में कठोरता रहने से घर में कलह रहेगी। आर्थिक लेन-देन सोच समझ कर करें। पारिवारिक सदस्य अथवा अन्य भी अपने काम से ही बात करेंगे। संध्या के समय किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के बनने से प्रसन्न रहेंगे।

तुला: व्यवसाय के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयास आज फलीभूत होने से आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा। बेरोजगार व्यक्तियों को भी रोजगार मिलने की सम्भावना अधिक है। आपसे वाद-विवाद में कोई नहीं जीत पायेगा। बड़बोलेपन के कारण महिलाओं से मतभेद हो सकते है। दिन के उत्तरार्ध में कार्य भार बढ़ने से कमर अथवा अन्य अंगों में दर्द की शिकायत रहेगी। पारिवारिक वातावरण में उतार-चढ़ाव आएंगे फिर भी आनंद रहेगा। आकस्मिक लाभ होगा।

वृश्चिक: आज का दिन आपको सुख शांति प्रदान करेगा। कुछ दिनों से चल रही मानसिक खींच तान कम होने से राहत अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर केवल धन लाभ पाने के उद्देश्य से कार्य ना करे व्यवहार में कुशलता एवं मिठास रखने से अप्राप्त लक्ष्मी भी प्राप्त कर सकते है। पारिवारिक जीवन में आनंद रहेगा। मित्र रिश्तेदारो से घर में चहल पहल बनेगी कही घूमने की योजना बन सकती है। धन लाभ में विलम्ब होगा परन्तु कार्य रुकेंगे नहीं। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव लगा रहेगा।

धनु:आज के दिन आप कार्य क्षेत्र से कुछ समय निकालकर मित्र परिवार के साथ मनोरंजन में व्यतीत करेंगे परन्तु आज गलतफहमियों से दूर रहना अति आवश्यक है व्यर्थ के टकराव होने की संभावना है। परोपकार का शुभ फल भी मिलने से प्रसन्नता भी रहेगी। कार्य क्षेत्र पर कम समय देने के बाद भी संतोषजनक धन लाभ हो जाएगा। दाम्पत्य जीवन पहले से बेहतर रहेगा। सन्तानो की प्रगति की सूचना मिलेगी। स्वयं एवं परिजनों की सेहत का विशेष ध्यान रखें। आयवश्यक वस्तुओ पर ही खर्च करेंगे।

मकर;आज के दिन आप भावनाओ में बहकर अनुचित कदम उठा सकते है। लोगो के बहकावे में ना आये अन्यथा मान हानि कोर्ट-कचहरी की नौबत आ सकती है। प्रेम प्रसंगों से आज दूरी बनाना ही बेहतर रहेगा। आलसी प्रवृति का लाभ प्रतिस्पर्धी उठा सकते है सावधान रहें। धन लाभ के लिये आज विशेष परिश्रम करना पड़ेगा फिर भी संतोष जनक लाभ हो जाएगा। घर में भाई बंधू अथवा स्त्री से अनबन हो सकती है। सरकारी कार्यो में सफलता मिलेगी। जोड़ो सम्बन्धित समस्या रह सकती है।

कुंभ:आज का दिन मिला-जुला रहेगा। सेहत लगभग सामान्य रहेगी। आज किसी अनुबंध के आगे रुकने से धन लाभ की कामना अधूरी रहेगी। व्यवसाय के ऊपर अधिक ध्यान देने के बाद भी कार्य विलम्ब से पूर्ण होंगे लाभ के कई अवसर मिलेंगे परन्तु धनागम के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। अधिकारी वर्ग भी गर्म हो सकते है। सफ़ेद वस्तुओ के कार्य से जुड़े जातको को आकस्मिक धन लाभ अथवा नए अनुबंध मिल सकते है। परिवार के लिए आप महत्त्वपूर्ण रहेंगे। व्यर्थ की यात्रा हो सकती है।

मीन:आज के दिन ग्रह स्थिति में थोड़ा बदलाव आने से आपको घरेलु मामलो में सफलता मिलेगी। परन्तु आज कार्य क्षेत्र पर अन्य व्यक्ति आपकी कमजोरी का फायदा उठा सकता है। आज किसी के आगे समर्पण कर सकते है इसका फल शुभ ही रहेगा। बाहरी स्थान के कार्यो में सफलता की संभावना ज्यादा रहेगी। नए अनुबंध भी मिल सकते है। पत्नी अथवा किसी अन्य महिला के भाग्य से लाभ होगा। अविवाहितो कि लिए नए रिश्ते आएंगे। मानसिक रूप से संतोषी रहेंगे।

🌞ll ~ वैदिक पंचांग ~ll🌞
🌤️ दिनांक – 02 अक्टूबर 2022
🌤️ दिन – रविवार
🌤️ विक्रम संवत – 2079
🌤️ शक संवत -1944
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – अश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – सप्तमी शाम 06:48 तक तत्पश्चात अष्टमी
🌤️ नक्षत्र – मूल 03 अक्टूबर रात्रि 01:53 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा
🌤️ योग – सौभाग्य शाम 05:14 तक तत्पश्चात शोभन
🌤️ राहुकाल – शाम 04:56 से शाम 06:26 तक
🌞 सूर्योदय – 05:19
🌦️ सूर्यास्त – 05:54
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण – सरस्वती आवाहन, रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से शाम 06:48 तक)
🔥 विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌷 काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए
🙏🏻 अगर काम धंधा करते समय सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी हो.. बेल के कोमल कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से …. मंत्र बोले ” ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । ” और थोड़ी देर बैठ कर प्रार्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी कभी ये प्रयोग करें नवरात्रियों में तो खास करें | देवी भागवत में वेद व्यास जी ने बताया है।

🌷 दुर्गाष्टमी 🌷
03 अक्टूबर, सोमवार को दुर्गाष्टमी है ।
🙏🏻 प्राचीन काल में दक्ष के यज्ञ का विध्वंश करने वाली महाभयानक भगवती भद्रकाली करोङों योगिनियों सहित अष्टमी तिथि को ही प्रकट हुई थीं।
🌷 नारदपुराण पूर्वार्ध अध्याय 117
आश्विने शुक्लपक्षे तु प्रोक्ता विप्र महाष्टमी ।। ११७-७६ ।।
तत्र दुर्गाचनं प्रोक्तं सव्रैरप्युपचारकैः ।।
उपवासं चैकभक्तं महाष्टम्यां विधाय तु ।। ११७-७७ ।।
सर्वतो विभवं प्राप्य मोदते देववच्चिरम् ।।
🙏🏻 आश्विन मास के शुक्लपक्ष में जो अष्टमी आती है, उसे महाष्टमी कहा गया है (महाष्टमी 03 अक्टूबर, सोमवार को है ) उसमें सभी प्रकार से दुर्गा के पूजन का विधान है। जो महाष्टमी को उपवास अथवा एकभुक्त व्रत करता है, वह सब ओर से वैभव पाकर देवता की भाँति चिरकाल तक आनंदमग्न रहता है।
🌷 भविष्यपुराण, उत्तरपर्व, अध्याय – २६
देव, दानव, राक्षस, गन्धर्व, नाग, यक्ष, किन्नर, नर आदि सभी अष्टमी तथा नवमी को उनकी पूजा-अर्चना करते हैं | आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी को जगन्माता भगवती श्रीअम्बिका का पूजन करने से सभी शत्रुओं पर विजय प्राप्त हो जाती है | यह तिथि पुण्य, पवित्रता, धर्म और सुख को देनेवाली है | इस दिन मुंडमालिनी चामुंडा का पूजन अवश्य करना चाहिये |
🌷 देवीभागवतपुराण पञ्चम स्कन्ध
अष्टम्याञ्च चतुर्दश्यां नवम्याञ्च विशेषतः ।
कर्तव्यं पूजनं देव्या ब्राह्मणानाञ्च भोजनम् ॥
निर्धनो धनमाप्नोति रोगी रोगात्प्रमुच्यते ।
अपुत्रो लभते पुत्राञ्छुभांश्च वशवर्तिनः ॥
राज्यभ्रष्टो नृपो राज्यं प्राप्नोति सार्वभौमिकम् ।
शत्रुभिः पीडितो हन्ति रिपुं मायाप्रसादतः ॥
विद्यार्थी पूजनं यस्तु करोति नियतेन्द्रियः ।
अनवद्यां शुभा विद्यां विन्दते नात्र संशयः ॥
🙏🏻 अष्टमी, नवमी एवं चतुर्दशी को विशेष रूप से देवीपूजन करना चाहिए और इस अवसर पर ब्राह्मण भोजन भी कराना चाहिए। ऐसा करने से निर्धन को धन की प्राप्ति होती है, रोगी रोगमुक्त हो जाता है, पुत्रहीन व्यक्ति सुंदर और आज्ञाकारी पुत्रों को प्राप्त करता है और राज्यच्युत राज को सार्वभौम राज्य प्राप्त करता है। देवी महामाया की कृपा से शत्रुओं से पीड़ित मनुष्य अपने शत्रुओं का नाश कर देता है। जो विद्यार्थी इंद्रियों को वश में करके इस पूजन को करता है, वह शीघ्र ही पुण्यमयी उत्तम विद्या प्राप्त कर लेता है इसमें संदेह नहीं है।
🌷 नवरात्रि अष्टमी को महागौरी की पूजा सर्वविदित है साथ ही
🙏🏻 अग्निपुराण के अध्याय 268 में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को भद्रकाली की पूजा का विधान वर्णित है।
🙏🏻 स्कन्दपुराण माहेश्वरखण्ड कुमारिकाखण्ड में आश्विन् शुक्ल अष्टमी को वत्सेश्वरी देवी की पूजा का विधान बताया है।
🙏🏻 गरुड़पुराण अष्टमी तिथिमें दुर्गा और नवमी तिथिमें मातृका तथा दिशाएँ पूजित होनेपर अर्थ प्रदान करती है ।

🌷 शारदीय नवरात्रि 🌷
🙏🏻 नवरात्र की अष्टमी यानी आठवें दिन माता दुर्गा को नारियल का भोग लगाएं । इससे घर में सुख समृद्धि आती है ।

🌷 शारदीय नवरात्रि 🌷
🙏🏻 मन की शांति मिलती है मां महागौरी की पूजा से 🌷
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। आदिशक्ति श्री दुर्गा का अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। मां महागौरी का रंग अत्यंत गोरा है, इसलिए इन्हें महागौरी के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि का आठवां दिन हमारे शरीर का सोम चक्रजागृत करने का दिन है। सोमचक्र ललाट में स्थित होता है। श्री महागौरी की आराधना से सोमचक्र जागृत हो जाता है और इस चक्र से संबंधित सभी शक्तियां श्रद्धालु को प्राप्त हो जाती है। मां महागौरी के प्रसन्न होने पर भक्तों को सभी सुख स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। साथ ही, इनकी भक्ति से हमें मन की शांति भी मिलती है।

      🌞 *~  पंचांग ~* 🌞

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