कहीं भरभरा तो नहीं गया है झारखंड कांग्रेस का कुनबा, प्रदेश की राजनीति में आ गया है क्लाइमेंस
गणादेश ने पहले ही खबर चलाई थी कि आखिर झारखंड में कौन होगा एकनाथ शिंदे
रांचीः झारखंड में प्रदेश कांग्रेस का कुनबा भरभरा सा गया है। सूबे की राजनीति में क्लाइमेक्स भी दिखता नजर आ रहा है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुई क्रॉस वोटिंग कुछ और ईशारा कर रही है। सत्ता के गलियारों में अब यह चर्चा भी तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह में नजारा भी बदल सकता है। कांग्रेस के 10 विधायकों का पार्टी लाइन के विपरित जाना बड़े राजनीतिक खेल का संकेत भी दे रहा है। हालांकि दबी जुबां से इसकी चर्चा पहले से ही हो रही थी। गणादेश अखबार ने पहले ही खबर चलाई थी कि आखिर झारखंड में कौन होगा एकनाथ शिंदे। सत्ता के गलियारों में यह भी चर्चा है कि विधायक बीजेपी का भी दामन थाम सकते हैं। अब इस माजरे को लेकर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे भी सकते में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों से संपर्क भी किया जा रहा है।
गणित भी साफ नजर आ रहा है
सत्ता के गलियारों में चर्चा यह भी है कि क्रॉस वोटिंग के बाद गणित भी साफ नजर आ रहा है। कहीं भी इफ बट नहीं है। एनडीए के पास 28 की संख्या है। जिसमें भाजपा के 26 और आजसू के दो विधायक शामिल हैं। अगर क्रॉस वोटिंग करने वाले 10 विधायरक साथ हो जाएं तो नंबर 38 हो जाएगा। इसके अलावे निर्दलीय को लपेट लिया जाए तो सरकार बनाने की राह भी आसान हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि सीएम हेमंत सोरेन खुद खदान लीज मामले में फंसे हुए हैं। वहीं दूसरी राज्यसभा चुनाव और राष्ट्रपति चुनाव में झामुमो के फैसले ने कांग्रेस को झकझोर कर रख दिया है। वहीं झारखंड के कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि ऐसा करने वाले विधायकों पर पार्टी कड़ी कार्रवाई करेगी। अगर कांग्रेस आलाकमान की तरफ से कोई कदम उठाया गया तो इन विधायकों को बगावत का अच्छा मौका भी मिल सकता है। अब आने वाला समय ही बताएगा कि प्रदेश की राजनीति किस करवट लेगी।

