हाथ में मेहनत, आंखों में सपना… और बहाली में सन्नाटा!” – भागलपुर में होम गार्ड अभ्यर्थियों का फूटा सब्र का बांध
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। टीएनबी कॉलेज स्टेडियम रविवार को खेल का नहीं, संघर्ष का मैदान बन गया। यहां जुटे सैकड़ों होम गार्ड अभ्यर्थियों की आवाज़ों में निराशा, आंखों में सवाल और हाथों में उम्मीद थी। महीनों की मेहनत के बाद भी मेरिट लिस्ट का अता-पता नहीं, और अब सब्र का बांध टूट चुका है।
तीन महीने की चुप्पी, और उम्मीदों का इंतज़ार
17 मई से 14 जून के बीच हुई भर्ती प्रक्रिया के तहत फिजिकल टेस्ट तो पूरे हो गए, लेकिन इसके बाद मेरिट लिस्ट गायब है जैसे किसी सरकारी फाइल में गुम हो गई हो। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें हर बार सिर्फ “अभी नहीं आया”, “थोड़ा और इंतज़ार करो”, या फिर बेरुखी भरे जवाब मिलते हैं।
“हम खेत से मैदान तक आए हैं, अब जवाब चाहिए”
प्रदर्शन कर रहे युवाओं में से कई ने कहा कि वे किसान परिवारों से आते हैं, किसी तरह पढ़ाई-लिखाई और तैयारी कर यहां तक पहुंचे हैं। अब जब मौका पास है, तो प्रशासन की चुप्पी उनके लिए असहनीय हो गई है।
दूसरे जिलों में बहार, यहां सूखा क्यों?
जब दूसरे जिलों में बहाली पूरी हो चुकी है, और कहीं-कहीं तो प्रशिक्षण भी समाप्ति पर है, तो भागलपुर के अभ्यर्थी सवाल कर रहे हैं – “क्या हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि हम भागलपुर के हैं?”
“अब नहीं रुकेगा ये आंदोलन…”
अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि अगर जल्द से जल्द मेरिट लिस्ट जारी नहीं हुई, तो यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं रहेगा – आंदोलन बनेगा। उन्होंने जिलाधिकारी से अपील की है कि युवाओं की मेहनत के साथ अन्याय न हो और जल्द कोई ठोस कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की चुप्पी, और युवा आवाज़ें…
इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे गुस्सा और बढ़ रहा है। सवाल बड़ा है – आखिर युवाओं के भविष्य से यह खिलवाड़ कब तक चलेगा? जवाब का इंतज़ार अब गूंज बन चुका है… और अगर प्रशासन नहीं जागा, तो यह गूंज आंदोलन में तब्दील होने को तैयार है।



