सरकार साजिशकर्ताओं की पहचान कर सच्चाई उजागर करे: सुदेश महतो
रांची:पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल टाइगर की नृशंस हत्या के विरोध में आजसू पार्टी ने राजधानी रांची में जबरदस्त प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राज्य में गिरती कानून-व्यवस्था और सरकार की विफलताओं के खिलाफ विधानसभा से लेकर सड़कों तक जोरदार आक्रोश प्रकट किया।
आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता डा॰ देवशरण भगत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांके रोड से जुलूस निकालते हुए कचहरी रोड, शहीद चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर शक्ति प्रदर्शन किया। वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सरकार की नाकामियों के खिलाफ नारेबाजी की गई।
अल्बर्ट एक्का चौक पर पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई। प्रशासन ने प्रवीण प्रभाकर, कुमुद वर्मा समेत कई आजसू कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया, लेकिन पुलिस उन्हें जबरन वाहनों में बिठाकर कोतवाली थाना ले गई, जहां पहले से भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता हिरासत में थे।
घटना की जानकारी मिलते ही रांची सांसद-सह-केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, आजसू विधायक निर्मल महतो और पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे समेत कई वरिष्ठ नेता कोतवाली थाना पहुंचे और हिरासत में लिए गए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
आजसू सुप्रीमो एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो दिवंगत अनिल टाइगर के पैतृक गांव खटंगा पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की और कहा कि यह हत्याकांड झारखंड में चरमरा चुकी कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का जीवंत प्रमाण है।
श्री महतो ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रांची बंद की अभूतपूर्व सफलता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जनता ने इस सरकार से पूरी तरह भरोसा उठा लिया है। उन्होंने सरकार से अनिल टाइगर हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच कर साजिशकर्ताओं की पहचान करने और दोषियों को शीघ्र दंडित करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “विधानसभा सत्र चल रहा है और मुख्यमंत्री आवास से चंद किलोमीटर की दूरी पर एक राजनीतिक कार्यकर्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। यह प्रमाणित करता है कि झारखंड में अपराधियों, माफियाओं और संगठित अपराधियों का बोलबाला है। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है और राज्य सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल सिद्ध हो रही है।”
इस विरोध प्रदर्शन में आजसू के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से दीपक महतो, हरीश कुमार, संजय मेहता, रमेश गुप्ता, प्रत्यूष प्रशांत, ओम वर्मा, अजीत कुमार, चेतन सिंह, ज्योत्सना केरकेट्टा, दीपक कुमार, राजेश सिंह, सक्षम झा, सीमा सिंह, प्रभा महतो, राकेश सिंह, दया शंकर झा, डॉ. पार्थ समेत कई अन्य नाम शामिल हैं।

