पारा शिक्षकों की कुछ मांगों पर सरकार सहमत,अगली बैठक में निकलेगा निराकरण: बैद्यनाथ राम

गणादेश ब्यूरो, पारा शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को एचआरडी भवन में शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम के साथ हुई बैठक में एक बार फिर से उन्हे आश्वासन मिला है। मंत्री ने 12 अगस्त को फिर से वार्ता करने की बात कही है। यानी एक सप्ताह का और समय मांगा है।
वहीं शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पारा शिक्षकों के कई विषयों पर आज मैंने विभागीय सचिव के साथ बैठक कर चर्चा की है। जो कुछ संवैधानिक बाध्यताएं हैं उसकी चर्चा हम लोगों ने की है। वेतनमान के विषय पर सबसे अधिक जोर रहा। लेकिन जो प्रावधान है,जिस प्रकार से इन लोगों की नियुक्ति हुई है उस अनुसार वेतनमान नहीं दिया जा सकता है।इस बात को हमने स्पष्ट कर दिया है। उन लोगों ने भी स्वीकार किया है कि वेतनमान पर कुछ तकनीकी कठिनाइयां है। उसके बाद वेतनमान के समकक्ष मानदेय वृद्धि करने की बातें करते रहे।मंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए एकमुश्त इतनी राशि का भुगतान करना सरकार के लिए संभव नहीं है। क्योंकि उतना बजटीय प्रावधान नहीं है और अचानक से सरकार पर बोझ बड़ जायेगा। हम लोगों ने कहा है कि पूरी तरह से वेतनमान के बराबर मानदेय नहीं दे सकते हैं।लेकिन कुछ मानदेय में वृद्धि जरूर कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि आज की बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकला है,आज तो सिर्फ हम लोगों ने चर्चा ही किया है। अगली बैठक 12 अगस्त को 11:30 में फिर से होगी। आज की बैठक में जो कुछ विषय आए थे उसपर मैंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिया है। अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने को कहा है। अगली बैठक में वेतनमान में वृद्धि पर यदि सहमत होते हैं तो इसपर हमलोग आगे बढ़ेंगे।
वहीं बैठक में कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि हम लोग चाहेंगे कि पारा शिक्षकों की मानें पूरा हो,सरकार भी गंभीर है।
वहीं मंत्री के साथ वार्ता के बाद मीडिया से बात करते हुए पारा शिक्षकों ने कहा कि हम लोगों की कुछ मांगों पर तो मंत्री ने पूरा करने का भरोसा दिया है। लेकिन मुख्य मांग वेतनमान के समतुल्य वेतन वृद्धि पर सहमति नहीं बनी है। मंत्री ने इसपर सीएम हेमंत सोरेन के साथ बैठक के बाद ही इसपर कुछ आगे बोलने की बात कही है। पारा शिक्षक के प्रतिनिधि सिंकू सिंह ने कहा कि वेतनमान की मांगों पर मंत्री ने कहा है कि कुछ तकनीकी कारणों से वेतनमान देने की स्थिति में नहीं है। इसमें सात सौ करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट आएगा। विभागीय मंत्री ने इसपर सीएम हेमंत सोरेन,वित्त मंत्री से बात करने बाद आप लोगों से 12 अगस्त को फिर से बैठक में इसपर फैसला लिया जाएगा।
पारा शिक्षकों ने कहा कि समतुल्य वेतनमान की मांग हमलोगों की प्रमुख रूप से है।
दूसरे पारा शिक्षकों ने कहा कि विभागीय मंत्री ने हाईकोर्ट का हवाला देकर इंकार कर दिया है। रोस्टर का बहाना बनाया गया कि इसको कैसे पूरा किया जा सकता है। हमलोग समतुल्य वर्तमान के मानदेय पर अडिग रहे।पारा शिक्षकों की दस मांगें है। उसमे मुख्य रूप वेतनमान एवम राज्यकर्मी का दर्जा,ईपीएफ की सुविधा ,जैक द्वारा आयोजित आकलन परीक्षा में त्रुटिपूर्ण उत्तर का संशोधन,सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली में संशोधन, सेवानिवृत्त 65 वर्ष करने की मांग, आकलन परीक्षा एवम सीटेट को जेटेट के समतुल्य लाभ देने की मांग सहित दस मांगें है। इस अवसर पर प्रतिनिधियों में संजय दुबे,बिनोद बिहारी महतो, सिंटू प्रदूमन कुमार सिंह,सुमन कुमार सिंह,नरोत्तम सिंह मुंडा,भागवत तिवारी,विकास कुमार,शकील अहमद सहित कई शिक्षक मौजूद थे।

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