विशाल चौधरी के यहां मिला नोटों का अंबार, नोट गिनने की मशीन मंगवाई
रांचीः आइएएस पूजा सिंघल प्रकरण में ईडी जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। झारखंड कैडर के कई आइएएस अफसरों के करीबी विशाल चौधरी के ठिकानों पर ईडी ने दबिश और बढ़ा दी है। उसके यहां नोटों का अंबार मिला है। जानकारी के अनुसार ईडी ने नोट गिनने की मशीन भी मंगवाई है। विशाल चौधरी विदेश दौरे का भी शौकीन है। विशाल चौधरी की कंपनी का नाम विनायक ग्रुप ऑफ कंपनी है, जो पांच साल पहले चिटफंड का काम किया करती थी. यह कंपनी अब भी काम कर रही है.
ईडी के हाथ लगे कई अहम दस्तावेज
ईडी को विशाल चौधरी के आवास से कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। कई आइएएस अफसरों के साथ आइपीए का फ़ोन नंबर मिला है। कई टेंडर के कागजात भी मिले हैं। कोरोना काल में बिजली वितरण के कई इंजीनियर और कुछ एजेंसियों का बकाया रक़म इनके माध्यम से ही पेमेंट हुआ है. मांडर में 22 एकड़ ज़मीन के कागज भी ईडी को मिला है. सूत्रों के मुताबिक विशाल चौधरी को जैसे ही ईडी के आने की भनक लगी, वैसे ही अपना फोन कचरे के ढेर में फेंक दिया था. ईडी की टीम ने घर के बाहर रखे कचरे से आईफोन बरामद किया है.
ओक फॉरेस्ट में कई व्यूरोक्रेट्स के फ्लैट
वहीं निशित केसरी के ओक फोरेस्ट में झारखंड के आधा दर्जन से ज्यादा ब्यूरोक्रेट्स के फ्लैट हैं. इसकी जानकारी भी ईडी की टीम को मिली है. विशाल चौधरी के यहां मिले लिंक के बाद ईडी की टीम निशित केशरी के यहां छापेमारी की। निशित केसरी के तमाम कागजातों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की जा रही है.

