फर्जी डाटा किसी भी परिस्थिति में क्षमा योग्य नहीं है: बन्ना गुप्ता
रांची: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बुधवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में राज्य गुणवत्ता कोषांग के अंतर्गत एनक्वास, कायाकल्प, लक्ष्य तथा मुस्कान कार्यक्रम के प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार वितरण किया। साथ ही सवाईकल कैंसर स्क्रीनिंग का लोकार्पण किया तथा इसके प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर का भी विमोचन किया।
मौके पर मंत्री ने कहा कि पुरस्कार और अवार्ड, कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करने हेतु प्रदान की जा रही है। अस्पताल का वातावरण इतना स्वच्छ हो कि वहां आने वाले व्यक्ति अस्पताल में इलाज कराने में संकोच न करें। हमारा यह लक्ष्य होना चाहिए कि अस्पताल में मरीज का इलाज के साथ -साथ इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि मरीज और उनके अभिभावक तथा परिजन अस्पताल से संक्रमण ले कर वापस नहीं जाए। सफाई के साथ-साथ सभी सुविधाओं की उपलब्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज की भी व्यवस्था होनी चाहिए। मंत्री के द्वारा मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना की घोषणा की गई, जिसके अंतर्गत मंत्री परिषद की स्वीकृति के पश्चात विजेता अस्पतालों को प्रति बेड 11,000/-रू0 दिया जाएगा, जबकि एनक्वास के अंतर्गत भारत सरकार के द्वारा मात्र 10,000 की राशि प्रति बेड निर्धारित है। यूपीएचसी/पीएचसी हेतु 2.5 लाख, सीएचसी हेतु 16 लाख की राशि भी देने की बात उनके द्वारा कही गयी। साथ ही विजेता संस्थानों के कर्मियों के बीच वितरित की जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने की बात भी कही गयी।
मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग कोषांग के विलोपित होने पर कई परेशानियां होने लगी। पैसे के अभाव में पानी, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति ससमय उपलब्ध नही हो पाती है। इसके लिए हमारी सरकार ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अनटाईड फंड के रूप में 112 करोड़ की राशि स्वीकृत है। स्वास्थ्य गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता ऐसी होनी चाहिए कि कम से कम लोग प्राईवेट अस्पताल में जाए, यह सुनिश्चित करना है। मंत्री ने कहा कि रिम्स में यदि बिना पहचान पत्र के कोई भी मरीज रात-बिरात या आपातकाल स्थिति में अस्पताल पहुचते हैं तो उनके स्वास्थ्य लाभ हेतु अधीक्षक को 50,000/- तक की राशि, निदेशक को 1,00,000/-रू0 तथा विभागीय मंत्री को 1 लाख से उपर तक की राशि की स्वीकृति किया गया है।
उन्होने सख्त निर्देश देते हुए सभी सिविल सर्जन को कहा है कि फर्जी डाटा किसी भी परिस्थिति में क्षमा योग्य नहीं है, इस तरह के फर्जी डाटा का सभी जिला समीक्षा करेंगे। सर्वाइकल कैंसर हमारे देश की महिलाओं में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है और उनके जीवन को निरंतर प्रभावित करता आ रहा है।
मौके पर सी के शाही, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, डाॅ0 रंजीत प्रसाद, राज्य नोडल पदाधिकारी, गुणवत्ता कोषांग, डाॅ0 लाल मांझी, नोडल पदाधिकारी, आई.ई.सी. कोषांग, डाॅ0 प्रियंका सिंह, एनपीओ, डबल्यूएचओ, श्री आनंद यादव, सलाहकार, गुणवत्ता कोषांग, भारत सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, उपनिदेशक और समन्वयक/परामर्शी, राज्य गुणवत्ता परामर्शी एवं अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रतिभागी के रूप में सभी जिलों के सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीएम, डेम, एचएम, डीक्यूएसी, सीएचओ ने भाग लिया।

