सरकार गठन के दो साल बाद भी अबतक नहीं खुल पाया बीस सूत्री कार्यालय
रांची : झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार के बने दो साल से ऊपर होने को है।लेकिन अबतक सभी जिले के लिए बीस सूत्री उपाध्यक्षों का मनोनयन नहीं किया गया है। हैरत की बात तो यह है कि जिस जिले में उपाध्यक्ष का मनोनयन किया गया है,वहां पर कार्यालय भी नहीं दिया गया है।वर्तमान समय में बीस सूत्री उपाध्यक्ष
का कार्यालय गाड़ी में या चाय दुकानों पर चल रहा है। इससे विकास का काम कितना धरातल पर उतर रहा है,यह आप समझ सकते हैं। जबकि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य की विकास के लिए काफी संजीदा हैं। विकास योजनाओं को धरातल पर उतरने के लिए लगातार संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से विकास योजना धरातल पर उतर नहीं पा रही है। कई बीस सूत्री उपाध्यक्षों का कहना है कि सिर्फ पद देने से क्या होगा। कार्यालय के लिए जिला प्रशासन को हमलोग कई बार बोल चुके हैं। अधिकारी सिर्फ एक ही शब्द बोलते हैं,जल्द हो जायेगा। खूंटी जिले के लिए मनोनीत बीस सूत्री उपाध्यक्ष जुबैर अहमद को भी अबतक कार्यालय नहीं मिला है। जनाब अहमद ने कहा कई बार जिला प्रशासन को कहने के बाद कार्यालय के लिए कमरा तो दिया है।लेकिन बगैर फर्नीचर के वहां पर कैसे बैठेंगे। आधा अधूरा काम हुआ है।उन्होंने कहा कि झारखंड में साहेबगंज जिले में दो चार दिन पहले बीस सूत्री कार्यालय का शुभारभ हुआ है। लेकिन अन्य जिले में अबतक कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने बीस सूत्री अध्यक्ष सह मंत्री रामेश्वर उरांव और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से इस संबंध में हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि बीस सूत्री कार्यालय नहीं होने से विकास का काम बाधित हो रहा है।

