डीआरडीए निदेशक को हजारीबाग ले गई एसीबी, एक्शन पर टिकी सबकी निगाहें
रांची: चतरा पहुंची भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की स्पेशल टीम भले ही देर शाम बैरंग हजारीबाग लौट गई हो, लेकिन पूरी रात निदेशक के नगवाँ देवी मंडप के समीप स्थित निजी आवास की घेराबंदी कर पुलिस अभिरक्षा में उन्हें रखने के बाद मंगलवार की अहले सुबह डीआरडीए निदेशक अलका कुमारी को अपने साथ हजारीबाग ले गई है। सूत्रों के अनुसार हजारीबाग के खासमहल जमीन के घोटाले के चर्चित मामले में तत्कालीन सदर अंचल अधिकारी रही अलका कुमारी को एसीबी की टीम आज पूछताछ के बाद न्यायालय में प्रस्तुत कर सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व से जेल में बंद निलंबित आईएएस विनय चौबे प्रकरण में तत्कालीन अंचल अधिकारी का कोर्ट में गवाही होना है। कोर्ट में पेशी के बाद सही मायने में अलका कुमारी से पूछताछ और उन पर हुई अब तक की कार्रवाई के गुपचुप मामले से सही मायने में पर्दा उठ सकेगा। गौरतलब है कि एसीबी एसपी आरिफ इकराम के नेतृत्व में भूमि घोटाले के मामले की जांच करने चतरा पहुंची टीम ने सोमवार को दोपहर तीन बजे के आसपास जिले की ग्रामीण विकास अभिकरण की निदेशक अलका कुमारी को उनके कार्यालय से अपने कब्जे में लिया था। उसके बाद उन्हें अपनी गाड़ी से लेकर एसीबी की टीम कार्यालय से निकल गई थी। जिसके करीब 05-06 घंटे के बाद पुनः एसीबी की टीम उन्हें लेकर उनके नगवाँ मोहल्ला स्थित आवास पहुंची थी। जहां घंटों पूछताछ के बाद उनके आवास पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर एसीबी के अधिकारी वापस हजारीबाग लौट गए थे। इसके बाद पूरी रात सदर थाना पुलिस की स्पेशल टीम के द्वारा अलका कुमारी और उनके घर की सुरक्षा करने के बाद अहले सुबह उन्हें हजारीबाग एसीबी कार्यालय पहुंचाया गया है। अब इस पूरे मामले में सब की निगाहें इस बात पर टिकी है कि एसीबी की टीम निदेशक अलका कुमारी को गिरफ्तार करती है या न्यायालय में गवाही के बाद उन्हें मुक्त कर देती है। क्योंकि सूत्र यह भी बता रहे हैं कि एसीबी की टीम गवाही का वारंट लेकर ही चतरा पूछताछ के लिये पहुंची थी।



