भारत को विश्वगुरू बनाने में अभिप्रेरणा है दिनकर की रचनाएं: अनिल ठाकुर
काल के कपाल पर शब्द उकेरने वाले कालजई राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के जन्मदिवस पर स्वामी सहजानंद किसान वाहिनी की ओर से पटना के विधायक आवास संख्या 15/10 पर अयोजित पुष्पांजली समारोह के उद्घाटनकर्ता तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के उत्तर_पूर्व क्षेत्र के संपर्क प्रमुख अनिल ठाकुर ने अपने उदघाटन संबोधन में दिनकर की तुलना बाल्मिकी, वेद व्यास, रविदास, कालीदास, तुलसीदास जैसे विभूतियों से तुलना करते हुए कहा कि रामधारी सिंह दिनकर आधुनिक युग के साहित्य के शीर्ष पुरूष हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिनकर की रचनाएं भारत को विश्वगुरू बनाने में अभिप्रेरणा देने का कार्य कर रही हैं. वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार भाजपा के क्षेत्रीय प्रभारी सह स्वामी सहजानंद किसान वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र रंजन ने कहा कि पूरे भारत में रामायण व महाभारत की पंक्तियों के बाद सर्वाधिक जनप्रिय दिनकर की रचनायों पंक्तियां हैं. श्री रंजन ने दिनकर को साहित्यक संसार का देवतुल्य गणों में एक मानते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग की. इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता जोगेंद्र पासवान ने कहा कि दिनकर ने अपनी लेखनी के माध्यम से भारत की सभ्यता व संस्कृति को वर्तमान के साथ साथ भविष्य की दिशा देने तथा भूत काल की घटनाओं का सार्थक विवेचना करने का कार्य किया है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय चिकित्सक डा. शीला शर्मा ने कहा कि दिनकर की रचनायों ने हिन्दी साहित्य को विश्वव्यापी पहचान दिया है. इस अवसर पर कई गणमान्य व बुद्धिजीवियों के अलावा कौशलेंद्र सुमन, विवेक शर्मा आदि ने दिनकर के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ ही अपने विचार व्यक्त किए।

